इसके बाद उन लोगों ने उसे उसी हाल में छोड़ दिया। सुबह आकर देखा तो वह मृत पड़ा था। पूरी तसल्ली कर लेने के बाद उन्होंने अपना जाल हटा कर वन विभाग को घटना की सूचना दी। दोनों आरोपियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर चालान कर सिविल जज जूनियर डिविजन दुद्धी के न्यायालय में पेश किया गया। जमानत पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
आरोपियों को पकड़ने में रेंजर शहजादा इस्माइलुद्दीन, वन दरोगा शिव कुमार यादव, विजेंद्र कुमार, सर्वेश कुमार यादव, सत्येंद्र कुमार व चंद्रभान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन रेंजर ने कहा कि वन्यजीवों पर होने वाले अपराध और करने वाले अपराधियों को किसी भी दशा में नही छोड़ा जाएगा।