सोनभद्र। रूस और यूक्रेन के मध्य छिड़ी जंग का असर देश में खाद्य पदार्थों के बढ़ते दाम के रूप में देखने को मिल रहा है। युद्ध की वजह से विदेशों से आने वाला पॉम आयल के दाम में जहां वृद्धि हो गई है। वहीं दूध और कामर्शियल गैस के दाम में हुई वृद्धि से भी जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। गैस के दाम बढ़ने से मिठाई, चाय सहित खाने-पीने की अन्य सामग्रियों के दाम बढ़ने के आसार जताया जा रहा है।
राबर्ट्सगंज मेन मार्केट के परचून व्यवसायी हेमंत जैन ने बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध होने का असर खाद्य तेल के दाम पर पड़ा है क्योंकि ज्यादातर खाद्य तेल (पॉम आयल) विदेशों से ही आता है। बताया कि पॉम आयल के दाम में 10 से 13 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से वृद्धि हुई है। पहले जहां पॉम आयल 130 से 135 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, वहीं अब दाम बढ़कर 145 से 150 रुपये तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर जनता के जेब पर पड़ेगी। हालांकि सरसो के तेल में अभी वृद्धि नहीं हुई है। बाजार में 170 रुपये लीटर सरसो तेल बिक रहा है। कामर्शियल गैस के दाम में 105 रुपये की हुई वृद्धि का असर होटल में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर पड़ेगा। गुरुद्धारा के पास नमकीन व मिठाई की दुकान किए श्याम केशरी का कहना है कि पॉम आयल के दाम में वृद्धि से नमकीन के दाम में 20 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। पहले जो नमकीन 160 रुपये में बिक रही थी, वह आज 180 रुपये में और 200 रुपये में बिक रही नमकीन का दाम बढ़कर 220 रुपये हो गया है। मिठाई के दाम में अभी वृद्धि नहीं की गई है। लेकिन इसी तरह के खाद्य तेलों का दाम बढ़ता रहा तो मिठाई के दाम भी बढ़ सकते हैं। बताया कि दूध के दाम में वृद्धि से जिले में खास नहीं नहीं पड़ेगा। क्योंकि जिले में पैकेट बंद दूध का इस्तेमाल काफी कम होता है।