ऊर्जांचल में बेतहाशा प्रदूषण का प्रमुख कारण सड़क मार्ग से कोयले का परिवहन है। एनजीटी ने सड़क मार्ग से कोयले के परिवहन पर रोक लगा रखी है। इसके बाद भी परिक्षेत्र में न सिर्फ सड़क मार्ग से कोल परिवहन जारी है बल्कि इसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है। ऐेसे में प्रदूषण की आड़ में प्रकाश पर्व पर आतिशबाजी पर रोक लगाया जाना अव्यवहारिक है।
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने सीएम व पीएम को ट्वीट कर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि प्रदूषण पर रोकथाम के लिए प्रदूषण विभाग को तुगलकी फरमान की जगह धरातल पर कार्य करने की जरूरत है। राख व कोयले के परिवहन में तमाम मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा है। एनजीटी की रोक के बाद भी क्षेत्र में सड़क मार्ग से कोयले का परिवहन किस आधार पर किया जा रहा है, इसका जवाब कौन देगा? एक दिन के पर्व के लिए लोग आतिशबाजी करते हैं। उस पर रोक लगाई जा रही है। यह अन्यायपूर्ण है। यदि प्रदूषण विभाग ने अपना निर्णय नहीं बदला तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।