स्नातक और स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में एडमिशन कराए सैकड़ों विद्यार्थी छात्रवृत्ति फार्म भरने से वंचित रह गए। छात्रवृत्ति फार्म भरने की आखिरी तिथि 25 अक्तूबर थी। आखिरी दिन सर्वर डाउन होने की वजह से रजिस्ट्रेशन कराए विद्यार्थी भी फाइनल फार्म सब्मिट नहीं कर सके। छात्रवृत्ति फार्म न भर पाने के कारण छात्र-छात्राएं परेशान हैं।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में अभी दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। राजकीय महिला महाविद्यालय राबर्ट्सगंज के साथ ग्रामीण अंचलों में संचालित महाविद्यालयों में निर्धारित सीट के सापेक्ष विद्यार्थियों का दाखिला नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय की तरफ से अभी कोई दिशानिर्देश न मिलने पर महाविद्यालय विद्यार्थियों का प्रवेश ले रहे हैं। प्रवेश के साथ ही छात्रवृत्ति फार्म भरवाया जा है लेकिन अब दाखिला लेने वाले विद्यार्थी छात्रवृत्ति फार्म नहीं भर सकेंगे। छात्रवृत्ति फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 अक्तूबर थी। आखिरी दिन सर्वर फेल होने के नाते जिन्होंने पंजीकरण करा लिया था उनका फार्म भी सब्मिट नहीं हो पाया। स्नातक की छात्रा ज्योति कुमारी, संजना आदि का कहना है कि वे मध्यम वर्ग परिवार से हैं। छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई जारी रखने में अभिभावकों को बल मिलता है। छात्रवृत्ति फार्म न भर पाने के कारण आर्थिक परेशानी होगी।
आखिरी दिन प्रदेश के सभी जिलों में सर्वर फेल रहा। इस नाते विद्यार्थी छात्रवृत्ति फार्म नहीं भर सके होंगे। शासन से छात्रवृत्ति फार्म भरने की तिथि नहीं बढ़ाई गई है। - रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी
छात्रवृत्ति की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
ओबरा। छात्रवृत्ति की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर स्थानीय पीजी कॉलेज के छात्र नेताओं ने मंगलवार को छात्रनेता मनोज मिश्रा के नेतृत्व में एक ज्ञापन प्राचार्य को सौंपा। कहा कि अभी तमाम ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिनकी काउंसिलिंग नहीं हो पाई है। उनका रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं आया है। इस कारण छात्रवृत्ति का फॉर्म नहीं भर पाए हैं। कॉलेज में अभी तक प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है। ऐसे में महाविद्यालय प्रशासन को छात्र हित को ध्यान में रखकर छात्रवृत्ति का समय बढ़ाना चाहिए। छात्र नेता आकाश कनौजिया व साहिल कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने इस बार बहुत से छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन बर्बाद कर दिया है। सही से मूल्यांकन न होने के कारण बहुत से छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह गए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में वाणिज्य संकाय अध्यक्ष विकास पाठक, अंकित गुप्ता, अमन भट्टाचार्य, अनवर हुसैन, प्रिंस आदि मौजूद रहे।