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ग्राउंड रिपोर्ट घोरावल : विधायक गिना रहे काम, मौन साधे है आवाम

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जिले में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा घोरावल विधानसभा सीट की है। प्रत्याशी चयन को लेकर दलों के रोजाना बदलते पैंतरे ने यहां के सियासी माहौल को रोचक बना दिया है। वर्ष 2012 से अस्तित्व में आई इस सीट से भाजपा के डॉ. अनिल कुमार मौर्य विधायक हैं। वह इससे पहले राजगढ़ सीट से भी जीत चुके हैं। डॉ. अनिल का दावा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में उन्होंने खूब काम किया। पिछले पांच वर्षों में बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए विकास कार्य कराए गए। वहीं विपक्ष का आरोप है कि कोई नया काम नहीं हुआ। अलबत्ता जो पुराने काम किन्हीं कारणों से अधूरे रह गए थे उसे भी आगे नहीं बढ़ाया। पक्ष-विपक्ष की दलीलें चाहे जो भी हों, मगर हर सच्चाई से भलीभांति वाकिफ है। इसीलिए वह पूरी तरह मौन होकर अभी बस सियासी फिजा को भांप रहे हैं। पुराना इतिहास भी बताता है कि यहां के लोग हवा के साथ चले हैं। लिहाजा उनकी निगाह प्रत्याशियों की घोषणा पर टिकी है। मतदाताओं का कहना है कि कामकाज के आंकलन के बाद भी वह प्रत्याशी का चेहरा सामने आने पर ही कुछ स्पष्ट कर पाएंगे कि उन्हें अगले पांच साल के लिए किसे जनप्रतिनिधि चुनना हैं।
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विधायक की बात
पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल में घोरावल विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी की बेहतरी के लिए बहुत से कार्य हुए हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पक्का आवास, मुफ्त राशन व गैस सिलिंडर, दर्जनों इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूल, ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक घरों में शौचालय, आयुष्मान कार्ड से 6500 गरीबों का मुफ्त इलाज, किसानों की कर्जमाफी, सम्मान निधि, विद्युतीकरण, करीब 500 स्कूलों का कायाकल्प सहित कई कार्य कराए गए हैं। रौप गांव में राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो चुका है। लोढ़ी में 100 बेड अस्पताल, करमा शाहगंज व मधुपुर में सीएचसी समेत कई पीएचसी के भवन का निर्माण पूरा कराया गया। कुड़ार में पेयजल संयंत्र से 13 गांवों को जलापूर्ति की जा रही है। इसके अलावा सड़क, पुल, पुलिया, गौशाला, कृषि व सिंचाई के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कराए गए हैं। - डॉ. अनिल कुमार मौर्य, विधायक, घोरावल।
विधायक ने गिनाई उपलब्धियां::
रौप गांव में 249 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रारंभ।
कुड़ारी में सोन नदी पुल निर्माण के लिए 129 करोड़ रुपये स्वीकृत कराकर काम को गति दी गई।
लोढ़ी में 26 करोड़ से 100 बेड अस्पताल पूरा किया गया।
शाहगंज, कर्मा, मधुपुर समेत दर्जन भर सीएचसी व पीएचसी का निर्माण कार्य पूरा कराया गया।
20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति किया जा रहा है।
कुड़ारी गांव में 48 करोड़ की लागत से 14 गांवों की पेयजल परियोजना का निर्माण।
विपक्ष का पलटवार::
इस सरकार में घोरावल में विकास का कोई नया कार्य नहीं किया गया है। मैंने अपने कार्यकाल में घोरावल क्षेत्र के संपूर्ण विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में करीब 1400 करोड़ रुपये से कार्य प्रारंभ कराया जिसमें से कई काम पूरे किए गए। सपा सरकार में शुरू कराए गए तमाम काम इस सरकार में अधर में लटके हैं। मैंने 21 सरकारी अस्पताल बनवाए जो अभी तक संचालित नहीं हुए। इस सरकार के पांच साल बीतने के बावजूद अभी तक मेरे कार्यकाल में शुरू कुड़ारी में सोन नदी पर पुल निर्माण, धुरकरी, पठकागांव, मुड़िलाडीह में पुल निर्माण पूरा नहीं हो पाया। मैंने नहरों में टेल तक पानी पहुंचाया लेकिन इस सरकार ने सिंचाई के क्षेत्र में कुछ नहीं किया। इस सरकार में भ्रष्टाचार के कारण वास्तविक किसानों के गेहूं-धान नहीं बिक पा रहा। बिचौलिये हावी रहे। - इं. रमेशचंद्र दुबे, सपा नेता व निकटतम प्रतिद्वंद्वी।
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विपक्ष ने ये जड़े आरोप
घोरावल क्षेत्र के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण कुड़ारी गांव में सोन नदी पर पुल निर्माण कार्य अभी भी अधूरा।
21 सरकारी अस्पताल अभी भी पूर्ण होकर सही ढंग से संचालित नहीं हुए।
सपा सरकार में बनवाए गए दो छात्रावास अभी तक शुरू नहीं हुआ।
बकहर नदी पर पुलिया समेत कई महत्वपूर्ण कार्य अधर में लटका है।
घोरावल में रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण हुआ, लेकिन पांच साल में भी इसका संचालन शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीण इलाकों में सड़कें जर्जर हालत में हैं, मरम्मत के नाम पर सिर्फ गड़बड़ी हुई।
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