जिले के विभिन्न मार्गों पर आवागमन के लिए परिवहन निगम ने बसों की संख्या बढ़ाई है। कोरोना काल में सरेंडर की गई बसें भी लौट आई हैं। ताकि दीपावली और डाला छठ पर घर आने-जाने वालों को दिक्कत न हो। इसके बावजूद कई रूट पर यात्रियों की दुश्वारी दूर नहीं हुई है। बसों में खड़े होकर यात्रा करने के लिए लोग मजबूर हैं।
चार प्रांतों से घिरे सोनभद्र जिले से होकर विंध्यनगर डिपो, काशी, मेजारोड, चंदौली, मिर्जापुर, चारबाग डिपो के साथ ही सोनभद्र डिपो की बसों का संचालन हो रहा है। वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग के साथ विभिन्न मार्गों पर इस समय सभी डिपो को मिलाकर 150 से अधिक बसों का संचालन हो रहा है। कोरोना काल में सोनभद्र डिपो की जिन नौ बसों को सरेंडर किया गया है था उनमें से छह बसें सड़क पर लौट आई हैं। इसे लेकर अब डिपो की 60 बसों में से करीब 50 बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर हो रहा है। तीन बसें जो अभी सरेंडर हैं, उन्हें सड़क पर दौड़ाने की तैयारी चल रही है। दीपोत्सव के मद्देनजर मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाई गई है लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ने से बसों में अचानक भीड़ बढ़ गई है। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के अलावा घोरावल, मिर्जापुर मार्ग पर तो दिक्कत है ही, प्राइवेट बसों वाले ग्रामीण रूटों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बसों में लोग क्षमता से अधिक सवार होकर यात्रा करने को विवश है। धनतेरस और छोटी दिवाली को लोग यात्रा करने के लिए बस स्टॉप व स्टेशन में इंतजार करते रहे।
इन रूट के यात्री रहे हलकान
जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से विंढमगंज, आसनडीह, ओबरा, खलियारी तथा दूसरे जिले एवं प्रांतों को जाने वाले बसों में भीड़ की वजह से यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी झेलनी पड़ी।
महिलाओं को खड़े होकर करनी पड़ी यात्रा
छोटी दिवाली के दिन रोडवेज बसों के साथ ही प्राइवेट बसों में भीड़ होने की वजह से धक्का मुक्की की नौबत रही। महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर पुरुष यात्री बैठे रहे। इस नाते कई बसों में महिलाओं को खड़े होकर यात्रा करते देखा गया।
रेणुकूट से वाराणसी घर जा रहे हैं। भीड़ होने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। काफी इंतजार के बाद बस मिली है। - दिनेश।
दीपावली व छठ पूजा पर घर आने-जाने वालों की संख्या बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर त्योहार पर अतिरिक्त बसें चलाई जानी चाहिए। - राममूरत पांडेय।
वाराणसी जाने के लिए एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। अब बस तो मिली, भीड़ की वजह से सीट नहीं मिल पाई है। खड़े होकर जाना पड़ेगा। - उपेंद्र।
बस कहने को रोडवेज बसों में महिला यात्रियों के लिए सीट आरक्षित है। पुरुष यात्रियों के बैठने की वजह से महिलाओं को खड़े होकर यात्रा करना पड़ रहा है। - शांति देवी।
दीपावली व छठ पूजा के मद्देनजर सरेंडर बसें चलाई जा रही हैं। बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। यात्रियों के बढ़ने से परिवहन निगम की आय में वृद्धि हुई है। भीड़ अधिक होने पर यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था कराई जा रही है। - एके सिंह, एआरएम, सोनभद्र।