सोनभद्र के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से पहाड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। इनका पानी पहुंचने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बने बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सभी बांधों में जलस्तर अधिकतम की ओर है। नगवां बांध में 61 फीट पानी भर गया है। इस बांध की जलधारण क्षमता 63 फीट है। आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी के बाद बांध का फाटक खोलकर पानी निकाला जा रहा है।
नगवां बांध के कुल 11 में से आठ फाटक खोले गए हैं। इसी क्षेत्र में सिलहट बंधी के भी छह फीट ऊपर से पानी बह रहा है। यह पानी कर्मनाशा नदी में जा रहा है। इससे चंदौली जिले के नौगढ़, चकिया और चंदौली तहसील क्षेत्र में कर्मनाशा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका है। उधर, नदी मांची थाने को नगवां गांव से जोड़ने वाले तीनों रपटों पर पानी आने से आवागमन बंद हो गया है। गांव का थाने से संपर्क टूट गया है। उधर, धधरौल, ओबरा, रिहंद बांध में भी पानी का स्तर अधिकतम से चंद मीटर दूर है। सोन नदी खतरे के निशान की ओर पहुंचने को है। बेलन, कनहर, बकहर, लौंवा नदी पहले से ही उफान पर है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बारिश से भी इन नदियों में बहाव तेज है।
बारिश जर्जर और कच्चे मकानों के लिए खतरा बन गई है। नगर के अंबेडकरनगर मोहल्ले में बजरंगी, सोनू खां, शाहनवाज खां के कच्चे मकान गिर गए। उनका घर-गृहस्थी का हजारों का सामान नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। उधर, बभनी थाना क्षेत्र के अहीरबुढ़वा ग्राम पंचायत में बुधवार की रात पंकज कुमार का कच्चा मकान गिर गया। सड़क के किनारे स्थित मकान में किराना की दुकान भी थी। घटना के बाद परिवार के लोग भोजन की तैयारी कर रहे थे। मलबे में दबने से गृहस्थी और दुकान का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना की सूचना हलका लेखपाल को दी गई है।