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सेंदुर गांव में बीमारी का कहर, फिर मासूम समेत दो की मौत

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विकास खंड के सेंदुर (मकरा) ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य महकमे के तमाम दावों के बावजूद मौत का क्रम जारी है। पिछले 24 घंटे में यहां मासूम समेत दो की मौत हो गई। प्राइवेट लैब की जांच में मृतकों के मलेरिया ग्रसित होने की बात आई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग मलेरिया से मौत से इनकार कर रहा है।
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पिछले दस दिनों से अबूझ बीमारी का कहर गांव में बना हुआ है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार की रात बीमारी से ग्रसित कविता (11 माह) पुत्री रामसूरत की मौत हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए अनपरा स्थित निजी चिकित्सालय में ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई। उधर, इसी ग्राम पंचायत के टोला मढैया की सोनिया (48) पत्नी शिवप्रसाद की भी अबूझ बीमारी से मौत हो गई है। मृतकों के परिजनों की मानें तो दोनों की जांच में मलेरिया पीएफ निकला था। सोनिया को मलेरिया की दवा खाने के बाद थोड़ी राहत मिलने की वजह से वह अहरौरा धान काटने गई थी, जहां उसकी मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों की मानें तो स्वास्थ्य महकमे की ओर से किया जा रहा प्रयास नाकाफी साबित हुआ है। पूर्व में उनके यहां कभी भी मच्छर रोधी दवा का छिड़काव नहीं किया गया, जिससे उन्हें मच्छरों से निजात मिल सके। इसके पूर्व शनिवार को सीएमओ ने गांव में पहुंचकर स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया था। यही नहीं उन्होंने नए मलेरिया और डेंगू पॉजिटिव रोगी न मिलने की बात भी कही थी। ऐसे में एक बार फिर मौतों के कारण सीएमओ के दावे की हवा निकल गई है। इससे लोगों में नाराजगी है। इस संबंध में म्योरपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ राजीव रंजन ने कहा कि गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर स्थिति नियंत्रण में लाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी जा रही है। मच्छररोधी दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
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