कोविड केयर सेंटर (एल-2) में आउटसोर्सिंग पर तैनात 47 कर्मचारियों की संविदा खत्म कर दी गई है। इससे नाराज संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शुक्रवार को सीएमओ आवास का घेराव कर नारेबाजी कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद किए।
आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विकास गोस्वामी का कहना है कि कोरोना महामारी के समय हम लोगों से अपनी जान हथेली पर रखते हुए अधिकारियों ने जो फरमान दिए उनके अनुरूप काम किया। लेकिन अचानक 47 कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, जिससे सभी कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। कर्मचारियों की मांग है कि कोविड केयर सेंटर में लगे कर्मचारियों को बाहर न निकाला जाए, इसके लिए सीएमओ आवास का घेराव किया गया। कहा कि स्टाफ नर्स, एलटी, वार्ड ब्वाय, कंप्यूटर ऑपरेटर, वेंटिलेटर, सुपर समेत 47 कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि जब कोविड-19 का समय चल रहा था तब नौकरी करने को कोई तैयार नहीं था, उस समय हम लोगों ने घर परिवार समाज छोड़कर लोगों की सेवा की। अब उन्हें निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है। घेराव कर रहे संदीप कुमार, चरणजीत सिंह, मनीष कुमार, रामप्रसाद, मनीषा, रानी, शीला पाल, शारदा, प्यारी, सुनीता, आरती, पूजा, तारा, कृष्णा, मनीष, गायत्री, बिंदा आदि ने डीएम से जांच की मांग की।
कर्मचारियों ने बताई समस्याएं
कोविड केयर सेंटर एल-टू में तैनात आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संविदा खत्म करने से कर्मचारी आहत हैं। स्टाप नर्स आरती राव और विकास गोस्वामी का कहना है कि संविदा खत्म होने से वे बेरोजगार हो जाएंगे। इसी तरह स्टाप नर्स प्रीति व वृंदा पाल कोविड 19 के दौरान जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की। शासन प्रशासन को हमारे बारें में भी सोचना चाहिए। राजेंद्र प्रसाद व एलटी मनीष कुमार का कहना है कि संविदा खत्म करने से आर्थिक संकट का समाना करना पड़ेगा।