तामिला होने के बावजूद भी वे नहीं आए। इस पर कोर्ट ने अलग से सीओ कानपुर नगर के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कराया, लेकिन वे सफाई देने के लिए भी नहीं आए। सुनवाई करते हुए अदालत ने यह मानते हुए कि सीओ कानपुर नगर अमरनाथ यादव को सफाई में कुछ नहीं कहना है, क्योंकि तामिला के बाद भी नहीं आए। इस कृत्य पर कोर्ट ने सीओ कानपुर नगर अमरनाथ यादव को 50 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड की धनराशि की कटौती वेतन से करने का आदेश दिया है।
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पांच वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए दोषियों पर 50- 50 हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शक्तिनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 15 मई 2018 को थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 14 मई 2018 की रात 8- 9 बजे शौच के लिए रेलवे लाइन की ओर गई थी। वहां पहले से मौजूद राम औतार निवासी परसवार राजा थाना शक्तिनगर ने बेटी को पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना में लठ्ठु बैगा निवासी परसवार राजा का नाम भी प्रकाश में आया। विवेचक ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी राम औतार और लठ्ठू को उम्रकैद व 50- 50 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।