नौ वर्ष पूर्व किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई। बुधवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 25 जनवरी 2014 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि वह अपनी पत्नी के साथ रोजगार के लिए मेले में गया था। घर पर उसकी बेटी (15) अपनी अन्य छोटी बहनों के साथ थी। गांव के कुछ लोग रंजिशन उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गए।
इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और पीड़िता को बरामद किया। विवेचक ने हमीरपुर जिले के मुकेश भारती के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी मुकेश भारती को 10 वर्ष की कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।