सोनभद्र। बूस्टर डोज को लेकर शासन के नए निर्देशों के बाद जिले में तैयारी शुरू हो गई है। विभाग इसके लिए निजी अस्पतालों को चिह्नित करने में जुटा है। अभी तक जिले में सिर्फ एक निजी केंद्र पर ही टीकाकरण हो रहा है, जिसकी संख्या अब बढ़ाई जाएगी। बूस्टर डोज के लिए 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर वो व्यक्ति पात्र है, जिसे दूसरी डोज लगवाए नौ माह पूरे हो चुके हैं। बूस्टर डोज के लिए उन्हें निर्धारित शुल्क का भी भुगतान करना होगा।
जिले में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा धीरे-धीरे लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। सरकार के नए निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग कोरोना के खतरे को कम करने की तैयारी में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि 18 साल से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति टीका लगवा सकता है। इसके लिए उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो और उसे दूसरी खुराक लिए हुए नौ महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया हो। यह सुविधा निजी वैक्सीनेशन सेंटर्स पर ही मिलेगी। जिले में अभी तक सिर्फ रेणुकूट के हिंडाल्को अस्पताल को निजी टीकाकरण केंद्र के रुप में पंजीकृत किया गया है। अब नए निर्देश के बाद बढ़ती संख्या के मद्देनजर निजी टीकाकरण केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसे लेकर शनिवार की रात ऑनलाइन मीटिंग में रुपरेखा बनाई गई। उधर, सरकारी केंद्रों पर पहली और दूसरी डोज लगाई जाती रहेगी। हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ज्यादा आयु वाले लोगों को बूस्टर डोज भी इन केंद्रों पर दी जा रही है। इसके अलावा अन्य लोग जो भी बूस्टर डोज लेने के इच्छुक हैं, वे भी निजी वैक्सीनेशन सेंटर्स पर जाकर टीके की डोज लगवा सकते हैं।
शासन से मिले निर्देश के अनुसार बूस्टर डोज के लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। वहीं 12 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के टीकाकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। - डॉ. गिरधारी लाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
मिशन इंद्रधनुष में छूटे हुए बच्चों को लगा टीका
सोनभद्र। मिशन इंद्रधनुष में गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष तक के बच्चों को खलियारी पंचायत भवन पर शनिवार को टीका लगाया गया। एएनएम सरस्वती देवी ने बताया कि जो भी गर्भवती महिला एवं बच्चे बाहर चले जाते हैं या किसी अन्य कारण से केंद्र पर टीका नहीं लगवा पाएं हैं, उन्हें विशेष कैंपों में टीका लगाया जा रहा है।