सोनभद्र। आकांक्षी जिले के अनुसूचित जाति के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए संचालित श्रेष्ठा योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार चयनित बच्चों को सीबीएसई बोर्ड के आवासीय स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। उनकी पढ़ाई में आने वाला संपूर्ण खर्च सरकार वहन करेगी। इच्छुक विद्यार्थी 12 अप्रैल की शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सात मई को इसकी परीक्षा संभावित है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण सहित विकास के अन्य मापदंडों पर पिछड़े देश के 115 जिलों को नीति आयोग ने गोद लिया है। इन्हें आंकाक्षी जनपद का नाम दिया गया है। इन जिलों में अनुसूचित जाति के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए आयोग ने पिछले सत्र से श्रेष्ठा योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत अनुसूचित जाति के जिन परिवारों की वार्षिक आय ढाई लाख से कम होगी, उनके मेधावी बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा मुहैया कराई जाएगी। योजना के तहत आठवीं और 10वीं के वर्तमान छात्र आवेदन कर सकते हैं। आठवीं के चयनित बच्चों को 9वीं से 12वीं और दसवीं में चयनित बच्चों को इंटर की पढ़ाई कराई जानी है। योजना में जिले से कुल 32 बच्चों का चयन होना है। गत वर्ष कम समयावधि के कारण महज 22 बच्चों का ही चयन हो पाया था। दस सीटें खाली रह गई थी। यह चयनित बच्चे वाराणसी के लिटिल फ्लावर इंटर कॉलेज नगवां में पढ़ाई कर रहे हैं।
डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि श्रेष्ठा योजना के तहत आवेदन 12 अप्रैल की शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन श्रेष्ठा डॉट एनटीए डाट एनआईसी डाट इन पर आवेदन किया जा सकता है। 13 से 15 अप्रैल के मध्य त्रुटियां सुधारने का मौका मिलेगा। अप्रैल के अंत में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद दो मई से अभ्यर्थी प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। इस बार परीक्षा सात मई को दोपहर दो से पांच बजे तक प्रस्तावित की गई है। इस बार पढ़ाई के लिए सिर्फ सीबीएसई के स्कूलों का ही चयन किया जाएगा।