जिले में किशोरों के टीकाकरण की रफ्तार शुरुआती दिनों में काफी बेहतर थी। स्कूल खुलने के कारण शिक्षकों की मौजूदगी में बच्चों ने उत्साह से टीका लगवाया। अब पिछले कुछ दिनों से टीकाकरण की रफ्तार घट रही है। ऐसे में विभाग टीकाकरण में बाधक बन रहे विद्यालयों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
टीकाकरण के पहले चरण में विद्यालयों के कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं का टीकाकरण किया जाना था। इस क्रम में पूर्व से जागरूक कई विद्यालयों ने अपने विद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुला कर किशोरों का टीकाकरण करा कर 10 दिन के भीतर ही टीकाकरण के आंकड़े को 75 प्रतिशत तक पहुंचा दिया लेकिन इसी टीकाकरण के क्रम में रफ्तार रोकने में रोड़ा बन रहे कुछ विद्यालयों की कमी ने अब टीकाकरण की रफ्तार कम कर दी है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रतिदिन पत्र जारी होने के बाद भी विद्यालय बच्चों के टीकाकरण कराने में असफल हो रहा है। ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर इन पर कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है। अध्यापकों की लापरवाही से भी रफ्तार की गति धीमी हो रही है। कई अध्यापक टीके के प्रति जागरूक नहीं है। इसलिए छात्र-छात्रा भी टीके की डोज लेने से डर रहे हैं।
टीकाकरण को महत्ता नहीं दे रहे विद्यालय के प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर टीकाकरण में रोड़ा बन रहे विद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है। इन पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - रविशंकर, डीआईओएस, सोनभद्र।