चोपन थाने में तैनात दो कांस्टेबल पर एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। जहां हरियाणा के करनाल की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार को एक आरोपित कांस्टेबल को रिश्वत लेते रंगों हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल के जरिए यह रकम उच्चाधिकारियों को तक पहुंचाई जानी थी। हालांकि यह तय नहीं हो सका है कि कांस्टेबल यह रकम कहां ले जा रहा था। वहीं दूसरा आरोपित कांस्टेबल अभी पकड़ से दूर है।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली पुलिस ने 11 नवंबर 2023 को एक ट्रक से करीब डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद किया था। जिसमें राबर्ट्सगंज में आरोपित सुरेश, सुधीर निवासी करनाल हरियाणा व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच चोपन पुलिस को सौंपी गई थी। इसी मामले के संबंध में हरियाणा के करनाल गए चोपन थाने में तैनात सिपाही मंजित कुमार को वहां की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक अन्य कांस्टेबल शामिल पाया गया है। हालांकि उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल की ओर से मुकदमा भी दर्ज किया गया है। जिसकी सूचना सोनभद्र पुलिस को मेल के जरिए दी गई है। एसीबी के प्रवक्ता के अनुसार करनाल निवासी व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति को अपनी गाड़ी बेची थी। गाड़ी बेचने का प्रमाण भी उसे दिया था। ये गाड़ी उसकी पत्नी के नाम पर पंजीकृत थी। जब गाड़ी बेची गई तब खरीदार के नाम नहीं हो सकी, लेकिन बेचने के कुछ समय बाद ही ये गाड़ी नशीले पदार्थ की तस्करी में प्रयोग होने लगी। जिसे सोनभद्र में पकड़ा गया था। आरोप है कि पुलिस स्टेशन चोपन के दो कांस्टेबल मनजीत तथा सुनील ने गाड़ी मालिक के पत्नी का नाम एफआईआर में दर्ज न करने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांगी। आरोपियों ने एसीबी को बताया कि यह रिश्वत उच्चाधिकारियो को दी जानी थी। जब गाड़ी मालिक के पति ने मामले की शिकायत एसीबी से की तो करनाल की टीम ने आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। एसीबी प्रवक्ता ने बताया कि कांस्टेबल मनजीत रिश्वत की राशि लेने के लिए करनाल आया, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक अन्य सिपाही की तलाश वहां की एसीबी को है। हालांकि गिरफ्तार कांस्टेबल हरियाणा जाने के लिए अनुमति लिया था या नहीं इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक डा. यशवीर सिंह ने मामले की जांच के लिए चोपन थाने में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक उमाशंकर यादव काे करनाल के लिए रवाना कर दिया है। जो वहां पहुंच कर घटनाक्रम पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों सिपाहियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।