सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव का 522वां प्रकाशोत्सव शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। रंग-बिरंगे झालरों से सजे गुरुद्वारा में रागी जत्थे ने सबद-कीर्तन किया। गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ पर गुरुवाणी को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर छककर गुरु का आशीर्वाद लिया।
प्रकाशोत्सव के मद्देनजर गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। विद्युत झालरों के अलावा तरह-तरह के फूलों से सजावट की गई थी। रोजाना प्रभात फेरी निकालकर गुरुजी का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। अखंड पाठ के समापन के बाद हरमीत सिंह, दया सिंह ने सबद-कीर्तन गाया। पंजाब के भटिंठा से आए रागी जत्था जोगिंदर सिंह चाकर की टीम ने कथा कीर्तन के जरिये गुरुनानक देव जी का इतिहास बताया। अध्यक्ष जसबीर सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु साहब का जन्म 1469 को तलवंडी (अब पाकिस्तान) में हुआ था जो अब ननकाना साहब के रूप में जाना जाता है। तब समाज में नैतिकता का ह्रास हो चुका था। अंध विश्वास, छूआछूत, वर्ण व्यवस्था व ऊंच नीच चरम पर था। विदेशी आक्रमणों से भारत की स्वतंत्रता समाप्त हो चुकी थी। ऐसे समय में गुरुनानक देव ने लोगों को साथ बैठने की प्रेरणा देते हुए कहा था कि पहले पंगत में बैठकर प्रसाद लें, फिर संगत में बैठकर प्रभु का स्मरण करें। अपनी कमाई का दसवां हिस्सा समाज में भलाई के लिए खर्च करें। उन्होंने गुरुनानक देव के संदेशों को विस्तार से बताते हुए कहा कि अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत दे सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपजिया, कौन भले कौन मंदे... के जरिये गुरु साहब ने समाज में समानता का संदेश दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रंजीत सिंह, देवेंद्र सिंह भंडारी, बलकार सिंह, अजीत सिंह, जसपाल सिंह, रवि सिंह, तजिंदर पाल सिंह, लकी सिंह, गुरविंदर सिंह, मंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
नेताओं ने भी नवाया शीश
प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारा में शीश नवाने विभिन्न दलों के नेता भी पहुंचे। नगर स्थित गुरुद्वारा में भाजपा से विधायक भूपेश चौबे, धर्मवीर तिवारी, नगर पालिका के चेयरमैन वीरेंद्र जायसवाल, सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, पूर्व चेयरमैन विजय कुमार जैन, रतनलाल गर्ग, आनंद तिवारी, कांग्रेस के सुशील पाठक आदि शामिल रहे।
सबद-कीर्तन व गुुरूवाणी से गूंज उठा ऊर्जांचल
अनपरा। सिखों के पहले गुरू नानक देव के प्रकाशोत्सव पर शुक्रवार को सबद-कीर्तन, गुरूवाणी व अरदास की अनुगूंज से ऊर्जांचल का कोना-कोना गुंजायमान हो उठा। स्थानीय रेणुसागर गुरूद्वारे में सुबह से तैयारी शुरू हो गई। ग्रंथी सरवन सिंह ने विधि-विधान पूर्वक पूजन संपन्न कराया। उन्होंने सभी को नानक देव के विचारों से अवगत कराया। इस दौरान बच्चों ने सामूहिक रूप से गुरूवाणी का पाठ किया। सबद कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया। लंगर में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरू पर्व पर गुरुद्वारे की सजावट ने सभी का मन मोह लिया। देर रात तक प्रकाशोत्सव जारी रहा।
राबर्ट्सगंज गुरु द्वारा सिंह सभा में गुरुनानक देव के प्रकाश पर्व पर शबद कीर्तन करते रागी जत्था।- फोटो : SONBHADRA
राबर्ट्सगंज गुरु द्वारा सिंह सभा में गुरुनानक देव के प्रकाश पर्व पर शबद कीर्तन में शामिल लोग।- फोटो : SONBHADRA