मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से रविवार को पोलियो जागरूकता रैली निकालकर सघन पल्स पोलियो महाअभियान का शुभारंभ किया गया। रैली के माध्यम से लोगों को शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाने की अपील की गई। रैली को जिलाधिकारी टीके शिबू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साईं नर्सिंग कॉलेज की छात्र-छात्राएं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरजी यादव ने कहा कि जिले को पोलियो मुक्त रखने के लिए अभियान में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही नहीं बरती जाए वरना कार्रवाई की जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत समस्त बच्चों की सूची बूथ पर रखी जाएगी। बच्चों को पोलियो बूथ पर लाकर शत प्रतिशत प्रतिरक्षित किया जाएगा। शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो बूथ पर लाकर दवा पिलाना है। जो बच्चे रविवार को पोलियो की खुराक पीने से छूट जाएंगे, उन्हें अगले पांच दिनों तक घर-घर जाकर पोलियो की खुराक दी जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. गिरधारी लाल ने बताया कि जिले में कुल 3,24,153 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए 1092 बूथ तथा 77 ट्रांजिट टीम एवं सात मोबाइल टीम बनाए गए हैं। बूथ दिवस के दिन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। निर्धारित कार्यक्रम से दो घंटे लेट पहुंचे डीएम ने सीएमओ कार्यालय में नवजात को दवा पिलाकर पल्प पोलियो सघन कार्यक्रम शुभारंभ किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि बूथों पर पोलियो की खुराक पिलाए जाने के साथ ही बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 35 ट्रांजिट पोलियो बूथ बनाए गए हैं। चोपन तथा सुकृत के खदान क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के बच्चों के लिए मोबाइल टीमें बनाई गई हैं जो इन क्षेत्रों में घूम घूम कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे। रैली में मुख्य रूप से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.एसके चतुर्वेदी, सूबेदार प्रसाद, डब्ल्यूएचओ अधिकारी हेमंत, यूनिसेफ प्रतिनिधि संदीप श्रीवास्तव, मोहम्मद नसीम, संजय कुमार सिंह, आशुतोष दत्त मिश्रा सुशील पांडेय आदि शामिल रहे।