विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन गेहूं खरीद की तैयारी में जुट गया है। शासन स्तर से जिला प्रशासन को धान विक्रय के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का गेहूं विक्रय के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बाध्य नहीं करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में धान बेचने वाले किसानों को गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य नहीं होगा। जनपद में एक अप्रैल से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी।
वर्ष 2021-22 में शासन से जिला प्रशासन को 1,55,800 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला था। धान बेचने केे लिए लगभग 30 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। धान खरीद ठप होने के बाद प्रशासन गेहूं खरीदने की तैयारी में जुट गया है। राज्य सरकार द्वारा मूल्य समर्थन योजना का लाभ किसानों को तक पहुंचाने के लिए पहल तेज कर दी गई है। 15 मार्च से गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है। किसान गेहूं विक्रय के पूर्व किसी भी जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे से खाद्य विभाग के पोर्टल पर आनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके किसानों को गेहूं विक्रय के लिए पुन: पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन उक्त पंजीकरण का संशोधन कर पुन: लॉक कराना होगा। जिले में एक अप्रैल 2022 से 15 जून 2022 तक गेहूं खरीद की जाएगी लेकिन अभी तक जिले में एक भी क्रय केंद्र नहीं बना है। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है कि जल्द ही किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही क्रय केंद्र बना दिए जाएंगे।
कृषक गेहूं विक्रय के पूर्व किसी भी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे से खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके किसानों को गेहूं विक्रय के लिए पुन: पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है लेकिन उक्त पंजीकरण का संशोधन कर पुन: लॉक कराना होगा। - संजय पांडेय, खाद्य एवं विपणन अधिकारी, सोनभद्र।