ठंड व गलन का प्रकोप कम होते ही बृहस्पतिवार को प्रदेश में बिजली की मांग में 1500 मेगावाट से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान न्यूनतम मांग 2000 मेगावाट से भी नीचे आ गई।
एक सप्ताह के अंतराल में दूसरी बार आसमान में बादल छाते ही ठंड और गलन का असर कम हुआ। इसका असर बिजली की मांग पर भी देखने को मिला है। पिछले दो दिन से लगातार सूबे में बिजली की मांग 19 हजार मेगावाट से अधिक बनी रही। इस दौरान न्यूनतम मांग भी 10 हजार मेगावाट के ऊपर था मगर बुधवार रात से आसमान में बादल उमड़-घुमड़ करने लगे। इससे देर रात के बाद से ही पारा ऊपर चढ़ने लगा। वहीं उसी के सापेक्ष बिजली की मांग में भी गिरावट दर्ज की जाने लगी। बृहस्पतिवार सुबह यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार बिजली की अधिकतम मांग 17455 मेगावाट रही। इस दौरान न्यूनतम मांग गिरकर 8396 मेगावाट पहुंच गई। हालांकि दिन में बिजली की मांग पूर्व की तरह 11 हजार मेगावाट के करीब बने रहने से अनपरा के बिजली घरों को सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर पूर्ण क्षमता से संचालित किया गया। मौसम के मिजाज को देखते हुए बिजली की मांग में और कमी आने की संभावना जताई जा रही है।