उल-जुलूल फरमानों के लिए बदनाम हो चुकी बागपत जिले की पंचायतों के सामने हमीदाबाद गांव ने मिसाल पेश की है। इस गांव की पंचायत ने फैसला लिया था कि छह साल की बच्ची से रेप और मर्डर के आरोपी की कोई भी जमानत नहीं कराएगा। पंचों के इस निर्णय का गांववासी पालन कर रहे हैं।
यही नहीं, ग्रामीण पीड़ित परिवार को सरकार से मदद दिलाने के लिए सड़क पर उतर कर लड़ाई भी लड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक से लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह से इस संबंध में मुलाकात कर चुके हैं।
घटना को दो महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। करीब साढ़े पांच हजार आबादी वाले इस कश्यप बहुल गांव से किसी ने भी मेरठ जेल में बंद आरोपी की जमानत के लिए अर्जी तक नहीं दी है। ऐसे में पुलिस ने 25 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब आरोपी पर एनएसए की तैयारी चल रही है।
घटनाक्रम एक नजर में
- नौ दिसंबर 2012: सुजती गांव से हमीदाबाद में ननिहाल आई छह साल की एक बच्ची रहस्यमय ढंग से लापता।
- 12 दिसंबर: गांव के खेत में लहूलुहान बच्ची की लाश मिली। पुलिस ने रेप और हत्या के आरोप में अनिल कश्यप को गिरफ्तार कर लिया।
- 14 दिसंबर: पंचायत में फैसला हुआ कि अगर किसी ने अनिल की जमानत ली तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
- 25 दिसंबर: पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की।
- 25 जनवरी 2013: केद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा।
- 23 फरवरी: कोर्ट में अगली सुनवाई।
आरोपी की मां सावित्री का कहना है कि हमने उससे नाता तोड़ लिया है। उसे किए की सजा मिलनी ही चाहिए। हम उसकी पैरवी नहीं करेंगे।
मृतक बच्ची की नानी मोहरो ने कहा कि हमारी लड़ाई में पूरा गांव साथ दे रहा है। अब हमारी शिकायत सिर्फ सरकार से है, जो मदद नहीं कर रही।
प्रधानपति मुकेश कुमार का कहना है कि पंचायत के फैसले का पूरे गांव ने पालन किया है। हम पीड़ित परिवार को मदद दिला कर ही चैन लेंगे।