मो. जुबैर अहमद को पेशी के लिए लेकर जाती पुलिस। -संवाद
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सीतापुर। खैराबाद के महंत बजरंग मुनि के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में गुरुवार को एक न्यूज चैनल के सह संस्थापक मो. जुबैर को दिल्ली पुलिस ने सीतापुर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने खैराबाद पुलिस को जुबैर की छह दिन दो घंटे की रिमांड की मंजूरी दी है। जुबैर को जिला कारागार सीतापुर भेज दिया गया। इस मामले में बीते सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया था। उसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस वापस लेकर चली गई थी।
खैराबाद स्थित बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि के खिलाफ मो. जुबैर ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में एक हिंदूवादी संगठन के जिलाध्यक्ष भगवान शरन ने खैराबाद थाने में बीते जून में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि जुबैर ने महंत को सिर्फ इसलिए गलत कहा, ताकि धार्मिक भावनाएं भड़क जाएं।
मामले में खैराबाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। जुबैर को कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उन पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के कई मामले दर्ज हैं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया। एसओ खैराबाद अरविंद सिंह ने बताया कि न्यायालय से जुबैर की 12 दिन की रिमांड मांगी गई थी। कोर्ट ने छह दिन दो घंटे की रिमांड की मंजूरी दी है।
पुलिस को जांच के लिए जुबैर का मोबाइल और लैपटॉप चाहिए, जो बैंगलुरु में है। शुक्रवार को खैराबाद पुलिस बैंगलुरु जा सकती है। विवेचना में वारंट को तरमीम करने के बाद धारा 153 (ए) को बढ़ा दिया गया है। जमानत न होने की दशा में जुबैर 14 दिन तक कारागार में रहेंगे।
जुबैर के खिलाफ हुई नारेबाजी
पेशी के बाद जब जुबैर को कारागार ले जाया जा रहा था, तब राष्ट्रीय हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने न्यायालय के गेट के सामने जुबेर अहमद मुर्दाबाद के नारे लगाए। राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप हिन्दू ने कहा कि जुबेर के सभी खातों की जांच करवाई जाए, जिससे पता चल सके कि आरोपी को कहां से फंडिंग हो रही है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।