सांडा (सीतापुर)। सकरन ब्लॉक में तैनात एक सचिव का पीएम आवास लाभार्थी से पैसे लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। जिला विकास अधिकारी ने बीडीओ को उसके विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
सकरन विकास खंड में तैनात पंचायत ग्राम विकास अधिकारी विकास तिवारी ने पीएम आवास योजना ग्रामीण में ग्राम पंचायत रेवान के बीते वित्तीय साल के एक लाभार्थी से आवास के नाम पर मार्च में ब्लॉक मुख्यालय पर दस हजार रूपए रिश्वत के रूप में लिए थे। उस दौरान पैसा लेते हुए किसी ने सचिव का वीडियो बना लिया था। सोमवार की सुबह यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद विभागीय अफसरों ने मामले की जांच करते हुए इसकी सच्चाई की पुष्टि की तो मामला सही पाया गया।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रकरण में ग्राम विकास अधिकारी विकास तिवारी को जिला विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। साथ ही उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए बीडीओ को निर्देश दिए हैं। खंड विकास अधिकारी रजनीश कुमार शुक्ल ने बताया आरोपी सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसके विरूद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
सचिव की कार्यशैली है विवादित, दर्ज हैं दो मुकदमे
ग्राम विकास अधिकारी विकास तिवारी की कार्यशैली पूर्व में भी विवादित रही है। दो मामलों में उनके विरुद्ध पहले से मुकदमा दर्ज है। ग्राम पंचायत दुगाना में सामुदायिक शौचालय निर्माण के दौरान हाईटेंशन लाइन से हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में सकरन थाने पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज है। साथ ही एक माह पूर्व अभद्रता के मामले में भी सचिव के विरुद्ध सकरन थाने पर अभियोग पंजीकृत है।