फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच माह से बनिा रजिस्ट्रेशन चल रहा था अनुजा अस्पताल, जिम्मेदार बेखबर

विज्ञापन
सीतापुर के कमलापुर में बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल में छापेमारी करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
कमलापुर (सीतापुर)। सीएचसी कसमंडा इलाके में नियम-कानून को दरकिनार कर अवैध रूप से नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार अंजान बन सो रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक के छापे में बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक ने तत्काल अस्पताल को बंद कराते हुए पंजीकरण कराने की नोटिस संचालक को दी है।
विज्ञापन

कमलापुर कस्बे में हाईवे पर करीब पांच माह से अनुजा अस्पताल चल रहा है। अप्रशिक्षित डॉक्टर और नर्सों के द्वारा मरीजों को दवाएं और प्रसव कराए जा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर मंगलवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद बाजपेई ने टीम के साथ छापा मारा। अस्पताल का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं मिला। साथ ही यहां पर कोई प्रशिक्षित चिकित्सक भी मौजूद नहीं था। इस पर अस्पताल को बंद करा दिया गया है। अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
चेतावनी दी कि यदि पंजीकरण कराये बगैर अस्पताल संचालित किया गया तो इसे सील करने की कार्रवाई की जाएगी। आसपास के लोगों का कहना है इसी तरह कई अन्य अस्पताल भी स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में गैर कानूनी ढंग से चल रहे हैं। शिकायत के बाद जांच में इस अस्पताल पर कार्रवाई की गई है। अगर नियमानुसार सभी अस्पतालों की जांच करवाई जाए तो तमाम अस्पताल मिल जाएंगे। लेकिन स्वास्थ्य विभाग कुछ चुनिंदा अस्पतालों पर ही कार्रवाई करके इस पूरे गैरकानूनी कारोबार पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन

जनपद में अवैध तरीके से चल रहे निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथालॉजी संचालक अपना नवीनीकरण 30 अप्रैल तक हर हाल में करा लें। उसके बाद किसी भी अस्पताल का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया जनपद में पंजीकृत अस्पतालों को ही मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए छूट रहेगी। इसके इतर अगर कोई अस्पताल चलता हुआ मिलता है तो उसे सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें