सीतापुर। कोविड-19 से चल रही जंग जीतने को लोग अपना तन मन धन ही नहीं अब परंपराएं तक दांव पर लगा रहे हैं। कोरोना संक्रमण काल में अब तक के हुए सभी पर्वों पर बेहद सादगी, शांतिपूर्ण माहौल में घरों में ही मनाए गए। अब गमों का पर्व ताजियादारी भी कोविड-19 को लेकर आई शासन की गाइड लाइन पर पूरी तरह अमल करते हुए मनाया गया है। न ताजिए के जुलूस, न मातम, न बाजे गाजे का शोरगुल। बेहद सादगी के साथ आज यह पर भी संपन्न हो गया।
इस बार लोगों ने घरों में ही रह कर इमामे हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की है। मुहर्रम को लेकर पुलिस व प्रशासन भी मुस्तैद रहा। जिले के सभी थाने अलर्ट पर थे। जिन गांव और कस्बों में ताजियादारी अकीदत के साथ की जाती थी। वहां पर पुलिस भारी संख्या में मौजूद रही। डीएम अखिलेश तिवारी, एसपी आरपी सिंह ने पूरे शहर में घूमकर हालत का जायजा लिया और मातहतों को निर्देश दिए।
इसके अलावा एडीएम विनय पाठक, एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी योगेंद्र सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह दिन भर मुस्तैद रहे। पुराने सीतापुर में कोतवाल और उनकी टीम की मुस्तैदी देर रात बनी रही। इसके अलावा लहरपुर, महमूदाबाद, बिसवा, सिधौली, पैंतेपुर, खैराबाद सहित पूरे जिले में पुलिस की सतर्कता बनी रही।
यूपी डायल भी सक्रिय कर दी गई थी। ताकि मुहर्रम पर भी लोग शासन की गाइड लाइन का पूरी तरह पालन करें। जिले भर में जिन जगहों पर ताजिए दफन किए जाते थे, पुलिस ने वहां भी ड्यूटी लगा दी थी। जिसके चलते रविवार को पूरे जिले में मुहर्रम को लेकर कहीं कोई गड़बड़ी व विवाद की शिकायत नहीं आई। जिससे पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।