सीतापुर। छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट अशोक कुमार दुबे ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोनिका दीक्षित द्वारा अभियोजित इस मुकदमे में पीड़िता को 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का आदेश भी न्यायालय ने दिया है।
थानगांव थाना क्षेत्र में छह अप्रैल 2014 की शाम घर के बाहर खेल रही वादी की छह वर्षीय भांजी को उसी के गांव में रहने वाले मुस्तकीम ने बहलाकर फुसलाकर गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया था। बच्ची बेहोशी की हालत में परिजनों को मिली। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज करने पर विवेचना करते हुए पुलिस ने मुस्तकीम के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर आरोपी को घटना का दोषी पाते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास व 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था की कि आरोपी से वसूले गए अर्थदंड को मिलाकर शेष 40 हजार की धनराशि विधिक सेवा प्राधिकरण से लेकर पीड़िता को 50 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति भी प्रदान की जाए।