खैराबाद (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में चार माह पूर्व ढाबा संचालक की हुई हत्या का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि ढाबा संचालक के नौकरों ने पैसे के लालच में थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी मामा-भांजे हैं। आरोपियों के कब्जे से बाइक, असलहा और अन्य सामान बरामद हुआ है। दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।
खैराबाद इलाके में 28 मार्च को ढाबा संचालक अशोक कुमार की हत्या कर दी गई थी। उसका शव अगले दिन ढाबे में बंधा हुआ मिला था। मामले में अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज हुुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता नहीं चलने पर बिसरा प्रिजर्व किया गया था। मौके से मृतक का मोबाइल, बाइक गायब मिली थी। पुलिस मामले की जांच में जुुटी थी। सीओ सिटी पीयूष सिंह, एसओ खैराबाद अंबर सिंह ने बताया कि हत्या के खुलासे में पुलिस लगी थी।
बताया कि 27 जुलाई की सुबह पुलिस ने सूचना मिलने पर खैराबाद के सरफापुर तिराहा के पास से सिधौली के तुलसीनगर निवासी अमित उर्फ कल्लू, मछरेहटा के पैदापुर निवासी सिद्धेवर उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया है। सीओ ने बताया कि दोनों से पूछताछ में ढाबा संचालक की हत्या का खुलासा हुआ।
बताया कि आरोपियों ने कुबूला कि उन्हें सूचना मिली थी कि ढाबे पर दो लाख रुपये हैं। चोरी करने रात में आए थे। चोरी करने के दौरान ढाबा संचालक की आंख खुल गई थी। धक्का लगने से गिरकर उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी बाइक, मोबाइल, जेब में रखे 40 हजार रुपये निकालकर फरार हो गए थे। सीओ ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से ढाबा संचालक की बाइक, मोबाइल असलहा-कारतूस बरामद हो गई है।
खुलासे में एसओ अंबर सिंह, एसआई देवेन्द्र नाथ पटेल, धर्मेन्द्र बहादुर सिंह, मनीष सिंह अजय रावत, राहुल कुमार, सोहनपाल, विपिन यादव शामिल रहे। एसओ अंबर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी इसी ढाबे पर काम करते थे। एसओ ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सिद्धेश्वर मामा और अमित भांजा है। दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।