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मरीज लाचार, इलाज की दरकार

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जिला अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने पर मरीज को उठाकर ले जाते तीमारदार। - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला अस्पताल में मरीजों को उचित उपचार देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इलाज मिलना तो दूर अस्पताल में मरीजों को स्ट्रेचर तक नहीं मिल पा रहा है। स्ट्रेचर के अभाव में मरीजों को उनके परिवारीजन गोद में उठाकर इमरजेंसी व वार्ड तक ले जाते हैं। कई बार स्ट्रेचर के अभाव में चिकित्सक खुद ही वाहन में मौजूद मरीज को देखने जाते हैं।
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कोरोना के नए स्वरूप से निपटने के लिए जिला अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने का स्वास्थ्य विभाग का दावा हर दिन खोखला साबित हो रहा है। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को अस्पताल का जायजा लिया तो गेट पर ही अव्यवस्था दिखाई दी। शुक्रवार दोपहर 12.45 बजे कई गंभीर मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। उनके परिवारीजन स्ट्रेचर की तलाश में इमरजेंसी पहुंचे। काफी भटकने के बाद भी उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला। चिकित्सक से अनुरोध करने पर भी स्ट्रेचर नहीं मिला तो मजबूरन मरीज को गोद में उठाकर उसके परिवारजन इमरजेंसी तक पहुंचे।
भार्गव कालोनी से आई रेखा ने बताया कि पिता की सांस फूल रही है। उन्हें इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला। सिधौली की आशा को जब स्ट्रेचर नहीं मिला तो चिकित्सक खुद ही गाड़ी के पास पहुंचकर उन्हें देखा। 1.15 बजे सीएमएस कक्ष के पास एक स्ट्रेचर दिखाई दिया लेकिन वह टूटा था। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि इमरजेंसी में दो ही स्ट्रेचर है। उससे मरीज को वार्ड में पहुंचाने के दौरान इमरजेंसी गेट के पास स्ट्रेचर का अभाव हो जाताहै। इससे मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को भी होना पड़ता है।
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