मिश्रिख (सीतापुर)। सीएचसी मिश्रिख में मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती व ऑपरेशन कराने के लिए आने वाले मरीजों को होती है। सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ व सर्जन का पद खाली है। दोनों पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। ऐसे में गंभीर मरीज आने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर किए जाते हैं। इससे मरीजों को यहां पर संपूर्ण इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से रोजाना 15 से 20 मरीज लौट रहे हैं।
सीएचसी की ओपीडी में रोजाना 200 से 250 के करीब मरीज आते हैं। इन मरीजों में मामूली बीमारियों का तो इलाज मिल जाता है। अगर कोई चोटिल हो गया है या उसे आपरेशन की जरूरत है तो उसे यहां पर इलाज नहीं मिल पाता है। अगर सर्जन व एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति कर दी जाए तो आसपास के आने वाले रोगियों को जिला मुख्यालय न जाना पड़ेगा।
सर्जन की नियुक्ति कर ओटी का संचालन प्रारंभ हो सकेगा। करीब 10 वर्षों से यहां के लोग सर्जन की नियुक्ति की राह देख रहे हैं। इस तरह स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है। जब चिकित्सक नहीं हैं तो स्टॉफ नर्स ही डिलीवरी करवाती हैं। अगर महिला की हालत गंभीर हो जाती है तो चिकित्सक के अभाव में उसकी जान पर आफत आ जाती है। जबकि यहां पर ऑक्सीजन प्लांट व एक्स-रे मशीन चालू हो गई है।
जर्जर है गेट
चिकित्सालय का मुख्य गेट जर्जर हो चुका है। इससे एंबुलेंस व अस्पताल आने वाले वाहनों को अंदर तक पहुंचने में दिक्कत आती है। बरसात के मौसम में जलभराव हो जाता है। जिससे रोगियों को काफी परेशानी होती है। यहां के लोगों ने मांग की है कि चिकित्सालय का मुख्य द्वार मेन रोड सीतापुर हरदोई राजमार्ग पर कर दिया जाए तो रोगी वाहन व एंबुलेंस को आने में दिक्कत नहीं होगी।
एक्स-रे मशीन व ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था हो गई है। वैक्सीनेशन रविवार को भी किया जा रहा है। डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इसके लिए प्रयास जारी है।
डॉ. आशीष सिंह, सीएचसी अधीक्षक मिश्रिख