रामपुर मथुरा (सीतापुर)। कस्बे में महिला चिकित्सालय की वर्षों पुरानी जनता की मांग अब भी ठंडे बस्ते में है। जनप्रतिनिधियों को दो पंचवर्षीय चुनावों के दौरान जनता ने उनके वादे याद दिलाए। बावजूद इसके किसी ने भी महिलाओं की समस्या से जुड़े मामले में ध्यान नहीं दिया। इससे मरीजों को 30 से 80 किमी दूर तक छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए लिए रेफर होकर जाना पड़ रहा है।
आजादी के बाद कई दशक बीत जाने के बाद भी रामपुर मथुरा क्षेत्र सुविधाओं के नाम पर सिर्फ सफेद हाथी ही साबित हुआ है। शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी अब तक सिर्फ इंतजार ही हाथ लगा है। विकासखंड अंतर्गत करीब 81 ग्राम पंचायतें आती हैं, जिनकी विकासखंड से दूरी करीब 15-16 किमी है।
इस परिधि में एक मात्र सीएचसी रामपुर मथुरा को छोड़कर कोई चिकित्सीय सुविधा महिलाओं के लिए मौजूद नहीं है। हॉस्पिटल में भी महिला रोग विशेषज्ञ, सर्जन और एनेस्थीसिया चिकित्सक सहित बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने से उन्हें दूसरे दूर दराज स्थित हॉस्पिटल में रेफर करना पड़ता है।
सबसे बड़ी समस्या जांच की है। गर्भवती महिलाओं को 30 से 50 किमी दूर डायग्नोस्टिक सेंटर ले जाकर जांच कराने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जोखिम भी रहता है। किराए की प्राइवेट गाड़ी से ले जाना काफी मंहगा भी पड़ता है। सीएचसी पर सामान्य डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। करीब ढाई लाख की आबादी के लिए महिला चिकित्सालय की महती आवश्यकता है।
ऑपरेशन होने की स्थिति में दूर जाना मजबूरी
कस्बा सीएचसी से करीब 14 किमी दूर रहने वाली पुष्पा सिंह ने बताया कि सीएचसी में महिला रोग विशेषज्ञों की मांग कई वर्षों से की जा रही है। इस हॉस्पिटल में सर्जन की नियुक्ति हो जाने से छोटे-छोटे ऑपरेशन के लिए मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। इसी गांव के रहने वाले अनूप कुमार ने बताया कि महिलाओं की छोटी छोटी समस्याओं के इलाज के लिए अस्पताल में केवल खून जांच की सुविधा है। अन्य जांच व ऑपरेशन की सुविधा जरूर होनी चाहिए। यह सुविधा ने होने से यहां से मरीजो को 50 से 80 किमी दूर बाराबंकी या लखनऊ ही भेजा जाता है।
गर्भवती महिलाओं को हो रही अधिक दिक्कत
तटबंध पर करीब दो वर्षों से जीवनयापन कर रही सुदामा ने बताया, गर्भवती महिलाओं के लिए सीएचसी रामपुर मथुरा में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की भी सुविधा होनी चाहिए। यह नहीं है। महिला अस्पताल की सुविधा से ही इस समस्या से निजात मिल सकती है। इस समय महिलाओं को दूर दराज ले जाने में काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। तटबंध पर कई वर्षों से रह रहीं लल्ली ने बताया, महिलाओं की चिकित्सीय सुविधा कस्बा रामपुर मथुरा में होने से इलाज के साथ गाड़ियों का भारी भरकम किराया भी बचेगा। नेताओं को इस समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए।