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टीकाकरण केंद्रों पर कोरोना प्रोटोकाल की उड़ीं धज्जियां

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आरएमपी इंटर कॉलेज में युवती को कोरोना की वैक्सीन लगाती महिला स्वास्थ्य कर्मी। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में मंगलवार को कोरोना टीकाकरण का महाअभियान चलाया गया। इस दौरान 490 केंद्रों पर लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लगाई गई। हालांकि कई केंद्रों पर कोरोना प्रोटोकाल का पालन होता नहीं दिखा। वहीं कई केंद्र पर लोग शाम पांच बजे तक कतार में लग कर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते दिखे।
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जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से चल रहा है। मंगलवार को एक साथ जिले में महाअभियान चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 28 स्थायी व 462 अस्थायी केंद्र बनाए थे। जहां सुबह 10 बजे से टीकाकरण शुरू हो गया। शहर के इस्माइलपुर स्वास्थ्य केंद्र पर लोगों की काफी भीड़ रही। वहीं आरएमपी कॉलेज व महिला अस्पताल में लोग टीकाकरण कराने के लिए प्रतीक्षा कक्ष में बैठे दिखे। टीकाकरण की रफ्तार शाम तक बनी रही।
वहीं जिले के ग्रामीण इलाकों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सीएचसी मिश्रिख में बहुत ही धीमी गति से टीकाकरण हुआ। 12 बजे तक लोगों की लंबी कतार लगी रही। यहां बहुत कम लोगों का टीकाकरण हो पाया। शाम पांच बजे तक लोग वैक्सीन लगने के इंतजार में खड़े रहे।
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वहीं लहरपुर सीएचसी में महाअभियान के तहत काफी भीड़ दिखाई दी। भीड़ की वजह से यहां के इंतजाम नाकाफी साबित हुए। कोविड प्रोटोकाल की यहां जमकर धज्जियां उड़ी। टीकाकरण कराने आए कई लोग बिना मास्क के नजर आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद मित्रा लगातार लोगों को प्रोटोकाल का पालन करने को कहते रहे।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया महाअभियान में 52900 लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित था। सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन पहुंचा दी गई थी। कहीं पर गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है।
मिश्रिख, कसमंडा व सिधौली सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड
सीतापुर। सीएचसी मिश्रिख कसमंडा व सिधौली को 2020-21 का कायाकल्प अवार्ड मिला है। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि जांच टीम रोगी की संतुष्टि में वृद्धि, साफ सफाई, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, चिकित्सालय कर्मियों की कार्यशैली एवं दक्षता में सुधार, हाइजीन प्रमोशन, सैनिटाइजेशन, संक्रमण प्रबंधन आदि बिदुओं की जांच करती है। अंकों के आधार पर पुरस्कार दिया जाता है।
एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र शाही ने बताया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कायाकल्प अवार्ड के लिए प्रदेश की 215 सीएचसी की सूची जारी की है। जिसमें सीतापुर की तीन सीएचसी मिश्रिख, कसमंडा और सिधौली ने अपनी जगह बनाई है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजकुमार ने बताया कई सालों से चिकित्सा इकाइयों में स्वच्छता व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए कायाकल्प अवार्ड दिया जा रहा है। इस अवार्ड की शुरुआत 15 मई 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। पुरस्कृत सीएचसी को एक लाख का नगद पुरस्कार मिलेगा।
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