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बिना किताब के ककहरा सीखेंगे बच्चे

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सीतापुर। परिषदीय विद्यालय 16 जून से खुल जाएंगे। बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ाई करेंगे। जिले में नये सत्र की एक भी पुस्तक नहीं पहुंची है। विभाग का कहना है कि जुलाई में किताबें आने की उम्मीद है। करीब साढ़े पांच लाख नौनिहालों को किताबों का इंतजार करना पड़ेगा।
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शैक्षिक सत्र 2022-23 की शुरुआत एक अप्रैल से हुई थी। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को सरकार की तरफ से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती है। 20 मई तक विद्यालय संचालित किए गए थे। उस दौरान भी नौनिहालों को पुस्तकें नहीं मिल सकी थी। इस पर शासन ने पुराने छात्रों की किताबें जमा कराकर नये छात्रों को दी थी। जिले में अधिकांश नौनिहाल इन किताबों से अछूते रह गए थे। अगर किसी नौनिहाल को किताब मिली थी तो वह फटी हुई थी। इससे नौनिहालों की पढ़ाई बाधित हुई। उसके बाद गीष्मावकाश शुरू हो गया था।
उम्मीद जताई जा रही थी जब गीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुलेंगे तो नौनिहालों को नई पुस्तकें मिल जाएंगी। लेकिन अब फिर से नौनिहालों को निराशा हाथ लगी है। 16 जून से जब स्कूल खुलेंगे तो नौनिहाल बिना किताबों के ही पढ़ने जाएंगे। विभाग का कहना है कि अभी तक नई किताबों की छपाई नहीं हो सकी है। नौनिहालों को इंतजार करना पड़ेगा।
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ड्रेस के लिए खाते में भेजे जाएंगे रुपये
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को ड्रेस, स्कूली बैग, जूता मोजा सीधे न देकर उन्हें 1100 रुपये दिए जा रहे है। इस बजट से नौनिहाल अपने लिए ड्रेस सहित अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। यह धनराशि सीधे नौनिहालों के अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है। इस बार डीबीटी के लिए इंतजार करना पड़ेगा। डीबीटी को लेकर इस समय जिले में केवल फीडिंग चल रही है। जब यह फीडिंग पूर्ण हो जाएगी। उसके बाद ही उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा। इससे जुलाई में ही यह रकम मिलने की बात कही जा रही है।
तीन माह में पूरा होगा कायाकल्प
16 जून से विद्यालय खुल रहे है तो परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प भी तेजी से किया जाएगा। इसके लिए तीन माह का लक्ष्य दिया गया है। इस दौरान विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। ग्राम पंचायतें मिलकर विद्यालयों की सूरत को संवारेंगी। इससे नौनिहालों को बेहतर तरीके से शिक्षा दी जा सकेगी।
एक सप्ताह तक लगातार होगा निरीक्षण
16 जून से विद्यालय खुल रहे है तो नौनिहाल व शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थित की रूपरेखा तय की गई है। इसके लिए सभी अफसरों को एक सप्ताह तक रोजाना विद्यालयों का निरीक्षण करने का प्लान तैयार किया गया है। अफसर विद्यालय पहुंचकर वहां की सुविधाएं देखेंगे। शिक्षक व नौनिहालों की शत प्रतिशत उपस्थित निर्धारित करने के लिए निर्देशित करेंगे। कर्मी मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
स्कूल खुलने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। जब तक नई किताबें नहीं आ जाती तब तक नौनिहाल पुरानी किताबों के सहारे पढ़ते रहेंगे। डीबीटी में फीडिंग का कार्य चल रहा है।
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- अजीत कुमार, बीएसए
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