सीतापुर। जिले में मनरेगा धनराशि के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया है। बिना काम कराए धनराशि खर्च कर दी गई। इससे योजना के उद्देश्यों पर प्रश्न चिह्न लग रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे उनकी कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है।
लोकपाल मनरेगा की जांच में गड़बड़ी के खुलासे हो रहे हैं। स्थलीय जांच में कैटल शेड का निर्माण ही नहीं मिला। मनरेगा मजूदरों को मजदूरी न मिलने का भी खुलासा हुआ है। लोकपाल का कहना है कि दोषी अफसर व कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा लोकपाल डॉ. अरविन्द प्रताप सिंह यादव ने बताया कि विकासखंड सकरन की ग्राम पंचायत दुगाना में शीतला प्रसाद बाजपेयी का कैटल शेड व कमलेश्वर के पीएम आवास की मनरेगा मजदूरी न मिलने की शिकायत और ग्राम पंचायत काजीपुर मजरा फुकना पुरवा में शांती देवी के कैटल शेड निर्माण की मौके पर जाकर जांच की गई।
शांती देवी का कैटल शेड बना नहीं पाया गया। केवल नींव बनी मिली। तेज धूप में तीन गायें खूंटे में बंधी थी। शांती देवी ने बताया कि नींव भैंस बेचकर बनवाई है। इसी गांव में अन्य छह कैटल शेड अधूरे पाए गए। वह मानक के अनुसार नहीं मिले। पशु बाड़े में पशुओं की नांदें नहीं मिली। ग्राम पंचायत रतनापुर में चकबन्ध निर्माण कार्य 26 मजदूरों को मजदूरी न देने की शिकायत फरवरी में की गई थी।
इसकी स्थलीय जांच की गई तो मजदूरों ने बताया कि शिकायत करने के बाद हमें मजदूरी दी गई। अभी भी एक-एक दिन की मजदूरी नहीं दी है। छह मजदूरों को छह-छह दिन की मजदूरी नहीं दी गई। लोकपाल ने बताया कि दोषी पाये जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।