सीतापुर। भाजपा ने शुक्रवार को बिसवां प्रत्याशी के चयन को लेकर पत्ते खोल दिए हैं। बिसवां की राजनीति में लंबे समय से चल रही आशंकाएं आखिरकार शुक्रवार को भाजपा की सूची आने के बाद सच साबित हुईं। मौजूदा विधायक का टिकट काट दिया गया है। हाल ही में साइकिल से उतरकर कमल का हाथ पकड़ने वाले नए चेहरे पर पार्टी ने दांव लगाया है।
सिटिंग विधायक का टिकट कटने और नए चेहरे को पार्टी की ओर से मैदान में उतारे जाने के बाद बिसवां में सियासत और दिलचस्प हो चली है। 2017 में भाजपा के टिकट से बिसवां विधानसभा क्षेत्र से जीते महेंद्र यादव का इस बार टिकट कटने को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं काफी तेज थीं। हाल ही में एक घटनाक्रम से इस बात को बल और मिल गया था।
वहीं 19 जनवरी को सपा छोड़कर पूर्व विधायक निर्मल वर्मा ने भाजपा का दामन थाम लिया था। निर्मल के पार्टी में आने के बाद उन्हें टिकट मिलने और विधायक महेंद्र यादव का टिकट कटने की चर्चाएं और बढ़ गईं थीं। हालांकि, भाजपा से टिकट के लिए एक और पूर्व विधायक के नाम को लेकर चर्चाएं थीं। शुक्रवार को भाजपा की ओर से जारी की गई सूची के मुताबिक विधायक महेंद्र वर्मा का टिकट काटकर निर्मल वर्मा को बिसवां विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया है।
सूची जारी होते ही बिसवां की सियासत और भी गरमा गई है। चुनाव से ऐन वक्त पहले पाला बदलकर भाजपा में शामिल होने वाले निर्मल वर्मा पर पार्टी ने जीत का दांव लगाया है। निर्मल के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो वह 2007 में बसपा के टिकट से बिसवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भी निर्मल ने बसपा के टिकट से बिसवां से चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नसीब नहीं हुई थी।
इसके बाद 2017 में वह फिर से बसपा के टिकट से चुनाव लड़े थे लेकिन इस बार भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। 2017 में भाजपा प्रत्याशी महेंद्र यादव विधायक बने थे। लगातार दो चुनाव हारने के बाद निर्मल वर्मा ने 2018 में बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया था तब से वह सपा में ही थे लेकिन चुनावी बिगुल बजने के बाद वह बिसवां के समीकरणों को भांपते हुए सपा छोड़कर भाजपा में चले गए थे।