सीतापुर। हैलो... मैं रीना... आप अजय? जी, मैं अजय (दोनों काल्पनिक नाम)। युवती कहती है कि क्या आप अपना व्हाट्सएप नंबर देंगे? सामने लड़की जान नंबर मांगते ही युवक उसे अपना मोबाइल नंबर फेसबुक मैसेंजर पर दे देता है। नंबर मिलते ही युवती फेसबुक प्लेटफार्म छोड़कर व्हाट्सएप पर आ जाती है। बातचीत का सिलसिला हाय, हैलो से शुरू होकर प्यार, मोहब्बत से होते हुए अश्लील बातों पर आ जाता है। बात यहीं पर नहीं रुकती।
लड़की की ओर से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉलिंग की जाती है। लड़के की ओर से कॉल रिसीव करते हुए उधर से अश्लील वीडियो दिखाकर इधर लड़के की अश्लील वीडियो बना ली जाती है और बस यहीं से शुरू हो जाता है ब्लैकमेल करने का खेल। जी हां, इन दिनों फेसबुक यूजरों को इसी तरह से झांसे में लेकर हनी ट्रैप का शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे में यह खबर आपको जागरूक करती है। फेसबुक आईडी चलाते समय सावधानी जरूर बरतें। फेसबुक प्लेटफार्म पर अंजान लड़कियों की डीपी वाली आईडी से खासकर बचकर रहें।
फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से भी बचें। अगर ऐसा करते हैं तो आप सुरक्षित रहेंगे, लेकिन अगर यहां पर आपसे जरा सी भी चूक हुई तो शातिरों के इस खेल में फंसने से खुद को रोक नहीं सकेंगे। एक बार फंसे तो इस खेल से बाहर निकलना मुश्किल होगा। मेहनत की गाढ़ी कमाई तो गवाएंगे ही, साथ ही ब्लैकमेलरों की बात नहीं मानी तो आपकी अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनामी भी करा देंगे। हर माह साइबर सेल के पास तीन से चार मामले ऐसे आ रहे हैं। शातिरों के जाल में फंसने के बाद भी पीछा नहीं छूटने पर लोग पुलिस की मदद ले रहे हैं।
50 हजार रुपये हड़प लिए
शहर कोतवाली इलाके के एक वरिष्ठ नागरिक फेसबुक चलाते हैं। उनके पास करीब एक माह पूर्व एक अंजान आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। लड़की की आईडी देखकर उन्होंने स्वीकार कर लिया। धीरे-धीरे बातचीत शुरू हो गई। बातचीत के बाद व्हाट्सएप नंबर पर कॉल की। बात अश्लीलता तक पहुंच गई। युवती की ओर से वीडियो कॉल भी की गई। उधर, शातिरों ने व्यक्ति की अश्लील वीडियो बना लिया और फिर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे 40 से 50 हजार रुपये हड़प लिए, फिर भी पीछा नहीं छोड़ा। बाद में पीड़ित ने पुलिस की मदद ली, तब राहत मिल सकी।
पुलिस की मदद से मिली राहत
इमलिया सुल्तानपुर इलाके का एक 35 साल का युवक फेसबुक यूजर है। करीब 20 दिन पहले उसके पास फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। युवक ने सामने लड़की देखकर रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया। फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत करने के बाद लड़की की ओर से व्हाट्सएप नंबर लेकर बातचीत शुरू की। बात बढ़ने पर मामला अश्लील चैट तक पहुंच गया। फिर वीडियो कॉल की गई। उधर, से वीडियो कॉल करते हुए इधर युवक की अश्लील वीडियो बना ली। कुछ देर बाद उसके नंबर पर वही वीडियो भेजकर पैसे की डिमांड की जाने लगी। परेशान होकर युवक ने पैसे देने शुरू किए। इसके बाद लगातार पैसे की डिमांड जारी रही। आखिर में पुलिस की मदद के बाद उसे राहत मिली।
पढ़े लिखे भी फंस रहे जाल में
साइबर सेल के जानकारों की माने तो फेसबुक पर लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी बनाने वाले लोग लड़के होते हैं, लेकिन डीपी में ऐसी फोटो लगाते हैं, जिससे पढ़े लिखे और काबिल लोग तक समझ नहीं पाते हैं। जानकारों की माने तो शातिर बड़े ही सफाई से हनी ट्रैप के जाल में लोगों को फंसाते हैं, इससे लोगों को उन्हें जरा भी शक न हो।
गैंग लड़कियों का भी ले रहा है सहारा
साइबर सेल के प्रभारी अजय रावत बताते हैं कि हनी ट्रैप के जाल में फंसाने वाले शातिरों का पूरा गैंग होता है, इसमें युवकों के साथ युवतियां भी होती हैं। इनके जाल में फंसने के बाद वह कोई भी ऐसा मौका नहीं चूकते, जिससे आपको उन पर शक हो। हूबहू लड़कियों की आवाज में बात करते हैं। वीडियो कॉलिंग में सामने वीडियो दिखाते हैं, लेकिन आपको लगेगा कि सामने लड़की है। यह कारनामा शातिर युवकों का ही होता है। हालांकि, वह बताते हैं कि अब इस गैंग ने मदद के लिए लड़कियों का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है।
फेसबुक पर फेक आईडी बनाकर लोगों को हनी ट्रैप का शिकार बनाया जा रहा है। फेसबुक यूजरों को सावधान और सतर्क होने की जरूरत है। हर माह से इस तरह से तीन से चार मामले आ रहे हैं। ये वह मामले हैं, जिसमें लोग सामने आते हैं। बहुत से लोग बदनामी के डर से सामने नहीं आते हैं। लोगों को ठगों से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस की मदद लें। जागरूक बनें और ऐसी घटनाओं से बचें।
- अजय रावत, साइबर सेल प्रभारी