सीतापुर। जिला अस्पताल में मरीजों को बेड मिलना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। अस्पताल के सभी वार्ड फुल हो गए है। बेड खाली न होने के कारण मरीजों को जमीन पर इलाज दिया जा रहा है। यह हालात एक दो वार्ड नहीं बल्कि सभी वार्डों के हैं। सबसे खराब हालत चिल्ड्रेन वार्ड की है। एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे लिटाए जा रहे है।
जिला अस्पताल की क्षमता 220 बेड की है। महिला, पुरुष व चिल्ड्रेन वार्ड अलग-अलग बने हुए है। इस समय भीषण गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है। इसकी वजह से उनको अस्पताल में बेड मिलना मुश्किल हो गया है। अमर उजाला टीम ने रविवार दोपहर को महिला वार्ड की रियलटी देखी तो वहां पर सभी बेड फुल नजर आए।
एक महिला का जमीन पर इलाज हो रहा था। महिला ने बताया कि जब बेड खाली नहीं है तो गद्दा डालकर जमीन पर लिटा दिया गया है। इसी तरह चिल्ड्रेन वार्ड की क्षमता 27 बेड की है। यहां पर 40 बच्चे भर्ती हैं। जब बेड कम पड़ रहे है तो एक ही बेड पर दो-दो बच्चे लिटाए जा रहे है। मेडिकल वार्ड भी मरीजों से भरा हुआ दिखाई दिया। इस वार्ड में भी एक भी बेड खाली नहीं है।
महोली इलाके की जयदेवी को सांस लेने में दिक्कत के चलते जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उस समय एक भी बेड खाली नहीं थे। जयदेवी को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। इस पर जयदेवी को जमीन पर लिटाकर इलाज दिया गया। चिल्ड्रेन वार्ड भी फुल है। एक बेड पर शहर निवासी हरीओम (तीन माह) व इसी बेड पर हरगांव निवासी सौरभ (पांच माह) लेटे हुए थे। परिजनों ने बताया कि बच्चों की तबियत अधिक खराब थी। अस्पताल आने पर बेड की किल्लत दिखी तो चिकित्सकों ने एक ही बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर दिया है।
गर्मी में मरीज बेहाल
जिला अस्पताल में वार्ड फुल हो गए हैं। इसकी वजह से जमीन पर मरीज लिटाए जा रहे हैं। अस्पताल में जरूरत के मुताबिक बेडों पर पंखे नहीं लगे हैं। एक पंखा दो से तीन बेड को कवर कर रहा है। इसकी वजह से भीषण गर्मी में मरीज हवा के लिए परेशान हो रहे हैं। अगर जमीन पर लिटाया जाता है तो वहां पर हवा की कोई व्यवस्था नहीं है।
ताजे भोजन व फलों का करें उपयोग
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव मिश्रा ने बताया कि इस समय अधिक गर्मी पड़ रही है। मरीज तेजी से उल्टी, दस्त व बुखार का शिकार हो रहे है। इस समय अधिकतर मरीज उल्टी, दस्त, बुखार से संक्रमित हैं। बच्चे भी इन बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए गर्मी से बचाव के लिए उपाय अपनाते रहे। धूप में निकलने से बचें। पानी बराबर पीते रहे। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। ताजा भोजन व फलों का उपयोग करें।