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बीसी संचालक की गोली मारकर हत्या

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रामपुर कलां इलाके में बैंक मित्र के साथ हुई लूट के बाद बिसवां सीएचसी से लखनऊ ट्रामा सेंटर ले जाते ? - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। थाना रामपुरकलां इलाके में शनिवार को बाइक सवार बदमाशों ने बीसी संचालक की गोली मार रुपयों से भरा बैग लूट लिया। घायल अवस्था में युवक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत है। सूचना पर एसपी व एएसपी ने मौके पर पहुंच जांच की।
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रामपुरकलां इलाके के ब्रह्मापुरवा मजरा सरसा खुर्द निवासी अंबुज (26) पुत्र महेश बीसी (बैंक काउंसलर) का संचालक था। अंबुज ने बिसवां इलाके के इटिया शहीद चौराहे पर बैंक ऑफ इंडिया का ग्राहक सेवा केंद्र खोल रखा है। शनिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे अंबुज अपने भाई पंकज वर्मा के साथ बाइक से बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर जा रहा था। इसी बीच रामपुरकलां क्षेत्र में अमझला और पछत्तर के बीच में दो बाइकों पर सवार होकर पहुंचे छह बदमाशों ने बाइक सवार भाइयों को रोकने का प्रयास किया।
बाइक नहीं रोकने पर बदमाशों ने ओवरटेक करने के बाद बाइक रुकवा ली। इसके बाद रुपयों से भरा बैग लूट लिया। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों और अंबुज के बीच भिड़ंत हो गई। इसके बाद बदमाशों ने बीसी संचालक के पेट में गोली मार दी और रुपयों से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए। गोली लगने से घायल युवक को परिजन बिसवां सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां पर इलाज के बाद हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
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ट्रॉमा में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। वारदात के समय साथ में मौजूद मृतक के भाई पंकज का कहना है कि लूटे गए बैग में करीब ढाई लाख रुपये थे। कुछ जरूरी दस्तावेज भी थे। हालांकि, लूटे गए कैश को लेकर अभी तक पूरी तरह से तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। घटना की सूचना पाकर फौरन एसपी आरपी सिंह, एएसपी एनपी सिंह, सीओ बिसवां, सीओ सिधौली समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। एसपी आरपी सिंह ने वारदात के खुलासे के लिए आदेश दिए हैं। एएसपी साउथ एनपी सिंह ने बताया कि पुलिस घटना के हर पहलू पर पड़ताल कर रही है।
तीन साल पहले पिता की हुई थी मौत
गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए बीसी संचालक के पिता महेश्वर की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। मृतक अंबुज भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा पंकज है। दूसरे नंबर पर एक और भाई है। अंबुज की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा है।
कई संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी
रामपुरकलां इलाके में हुई वारदात के बाद घटना के खुलासे में जुटी पुलिस ने धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस ने वारदात के बाद से लेकर अब तक करीब 12 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस सभी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस घटना के जल्द खुलासे का दावा कर रही है।
खुलासे में लगीं पुलिस की छह टीमें
रामपुरकलां इलाके में हुई वारदात के खुलासे के लिए एसपी आरपी सिंह ने पुलिस की छह टीमों को लगाया है। इसमें कई सीओ, थानेदारों से लेकर सर्विलांस और स्वाट टीम भी शामिल है। एसपी खुद पूरे मामले में लगे हुए है। टीमों की हर गतिविधियों की जानकारी लेकर खुलासे की कोशिश पर जोर दे रहे हैं। देर शाम तक एसपी आरपी सिंह, एएसपी साउथ एनपी सिंह समेत कई अफसर मौके पर डटे थे।
कई और बिंदुओं पर भी तफ्तीश
बीसी संचालक की हत्या की वारदात में कई और पहलू भी सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो मृतक के परिजनों और गांव में लोगों से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि युवक की कुछ लोगों से रंजिश थी। उनका नाम पुलिस को बताया गया है। इसके अलावा एक और वजह सामने आ रही है। एएसपी साउथ ने बताया कि संदेेह के आधार पर संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है। परिवार के लखनऊ से आने का इंतजार हो रहा है, जो तहरीर देंगे पर उस पर कार्रवाई होगी।
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