सीतापुर। कोरोना के कारण भले ही यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को पिछले रिकार्ड के आधार पर पास कर दिया गया हो। 3797 विद्यार्थियों को बोर्ड का यह रिजल्ट मंजूर नहीं है। इन विद्यार्थियों ने परीक्षा देने का फैसला किया है। इस परीक्षा में आए अंक ही उनकी मेरिट बनाएंगे। इन विद्यार्थियों की परीक्षा 18 सितंबर से छह अक्तूबर के मध्य कराई जाएगी।
कोरोना की बेकाबू दूसरी लहर के कारण इस बार यूपी बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी। विद्यार्थियों को उनके पिछले शैक्षिक रिकार्ड के आधार पर प्रमोट कर दिया गया था। इस कारण जिले में मेरिट सूची जारी नहीं की गई थी। तमाम विद्यार्थी इसे मजबूरी में लिया गया फैसला बता रहे थे। इस पर विद्यार्थियों ने बोर्ड से एग्जाम कराने का गुहार लगाई थी।
अब जब कोरोना का संक्रमण कम हुआ है तो सरकार ने ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विद्यार्थियों को मौका दिया गया था कि वह बोर्ड परीक्षा में बैठ सकते है। यह उन पर निर्भर है कि वह किन विषयों की परीक्षा देने चाहते है। सभी विषयों के विकल्प मौजूद थे। यह रिजल्ट ही उनका अंतिम परिणाम माना जाएगा।
इससे पहले जारी हुआ रिजल्ट स्वत: समाप्त हो जाएगा। 3797 विद्यार्थियों ने फिर से परीक्षा देने का फैसला लिया है। जिसमें 2191 बालक व 1606 बालिका शामिल है। इनकी यह परीक्षा बोर्ड परीक्षा की तरह आयोजित की जाएगी। जल्द ही इनको प्रवेशपत्र जारी किए जाएंगे।
यह है विद्यार्थियों का विवरण
स्कूल कक्षा विद्यार्थी बालक बालिका
160 10 3364 1895 1469
160 12 433 296 137
अंक सुधार के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में 3797 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। जिले में विद्यार्थियों की अन्य जिलों की अपेक्षा काफी तादाद है। इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को परखने का मौका मिलेगा।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस