महिलाओं को आर्थिक उन्नति के बारे में जानकारी दी
बांसी। राजकीय महाविद्यालय पचमोहनी खेसरहा में मिशन शक्ति तृतीय चरण के तहत शनिवार को वेबिनार का आयोजन कर महिला उद्यमिता विषय पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता के रूप में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की डॉ. नीता ने कहा कि महिला का योगदान केवल सामाजिक या पारिवारिक दायरे तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि आर्थिक आत्म निर्भरता आज के परिवेश में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लखनऊ उच्च न्यायालय की अधिवक्ता डॉ. नुसरत ने कहा कि महिला उद्यमिता से आगे रोजगार सृजन अत्यंत तेजी से बढ़ेगा। ग्रामीण और शहरी विभाजन को केवल महिला उद्यमिता के उचित अवसर को प्रदान करके समाप्त किया जा सकता है। सहायक प्रोफेसर प्रियंका गौड़ ने बताया कि उद्यमिता के प्रशिक्षण को देश के कोने-कोने में फैलाने की जरूरत है, जिससे महिलाओं को समानता की सुलभता हो।
प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रकाश ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत कर कहा कि यदि उद्यम प्रबंधन को सफल बनाना है तो महिला भागीदारी को बढ़ाना पड़ेगा। वेबिनार में महाविद्यालय के प्राध्यापक दिलीप कुमार, डॉ. अरविंद, डॉ. डीबी सिंह, संतोष तथा छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।