केले के रेशे से महिलाएं संवार रहीं परिवार का भविष्य
: खुनियांव ब्लॉक के बेलवा गांव की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बना रहीं विविध वस्तुएं
सिद्धार्थनगर। केले के तने के रेशे से कई खूबसूरत वस्तुएं बना कर खुनियांव ब्लॉक के बेलवा गांव की महिलाएं अपने परिवार के लोगों का भविष्य संवार रही हैं। वे इस काम के लिए अन्य महिलाओं को प्रेरित भी कर रही हैं। उनके इस व्यवसाय को गति देने के लिए प्रशासन ने भी हाथ बढ़ाया है। सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि शासन की तरफ से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिले के खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र में केले की खेती अधिक की जाती है। केले की खेती में एक फसल में ही फल निकलने के बाद तना बेकार हो जाता है, जिससे दूसरी बार खेती के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता। साथ ही निष्प्रयोज्य होने के कारण किसान को इसका कोई मूल्य नहीं मिलता। प्रशासन ने ग्रामीणों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को प्रोत्साहित कर केले के रेशे से बनने वाली वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाएं केले के तने से रेशे निकाल कर उससे टोपी, चप्पल, फुट मैट, बैग, टोकरी आदि बना कर बिक्री कर रही हैं। आजाद आजीविका समूह की अध्यक्ष सरोज देवी ने बताया कि केले के रेश से बनी वस्तुओं को लोग पसंद कर रहे हैं और उसकी डिमांड भी ज्यादा है। समूह से जुड़ी महिलाएं इससे विभिन्न उत्पाद बनाकर बिक्री कर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
ग्रामीण बाजार व मशीन लगेगी
सीडीओ पुलकित गर्ग का कहना है कि आजीविका मिशन एवं नाबार्ड के सहयोग से केले के रेशे से बनने वाली वस्तुओं की बिक्री के लिए ग्रामीण हाट बनाए जाएंगे, जिससे इन सामग्रियों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के सहयोग के लिए केले के रेशे बनाने की मशीन लगाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
द्वितीय चरण का प्रशिक्षण आयोजित
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए सोमवार को द्वितीय चरण के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडीएम नाबार्ड बृज राज साहनी ने उन्हें रेशे बनाने के तरीके के साथ ही इन वस्तुओं की उपयोगिता एवं बाजार व्यवस्था में लाभ प्राप्त करने की जानकारी दी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर सहित समूह की महिलाओं के साथ ग्रामीण भी उपस्थित रहे।