तहसील शोहरतगढ़ से करीब छह किमी पश्चिम की ओर स्थित बानगंगा बैराज के नदी व घाट की साफ-सफाई सोमवार को गांव वालों ने मिलजुल कर किया और इसकी स्वच्छता को बनाए रखने के लिए नीबी, झरुआ, लेदवा गांव के लोगों ने समिति का गठन कर संकल्प लिया।
जनपद का गौरव कहा जाने वाला बानगंगा नदी (बैराज) का अस्तित्व गंदगी के कारण खतरे में आ गया है। सोमवार को माघी पूर्णिमा पर नीबी, लेदवा, झरुआ गांव के लोगों ने नदी के अगल-बगल कूड़े कचरे को साफ किया।
स्वच्छता समिति में संरक्षक राधारमण त्रिपाठी, संचालक श्रीराम चौहान, अध्यक्ष नीबी के ग्राम प्रधान संतराम मौर्य, कोषाध्यक्ष ध्रुवपति नरायण जायसवाल, उपाध्यक्ष जग्गाराम जायसवाल, योगेंद्र जायसवाल, सदस्य राजाराम कसौधन, मकसूदन उपाध्याय, दिलीप कुमार मिश्र व गंगा सेवा समिति के युवा सेवक अजय गुप्ता, अशोक कसौधन, अशोक चौहान, प्रदीप कुमार वर्मा, विद्यासागर पाठक, अखिलेश मद्धेशिया, आशीष मद्धेशिया, कृष्ण कुमार जायसवाल, जमुना कसौधन, राकेश कुमार बनें।
लोगों ने सर्व सम्मति से माह में दो बार गंगा नदी की सफाई के कार्य की जिम्मेदारी का संकल्प लिया। इसके बाद गंगा मां की आरती, संग्रह कर के लोगों में प्रसाद वितरण किया गया।
स्वच्छता समिति के संरक्षक राधारमण त्रिपाठी ने कहा कि माघी पूर्णिमा आदि सनातन धर्म के पर्व में भारी संख्या में क्षेत्र सहित नेपाल से भी लोग स्नान पूजन के लिए बानगंगा नदी पर आते है।
यहां पर विशाल मेला भी वर्षो से लगता है। ऐसे में नदी के किनारे गौतम बुद्ध पार्क, सिद्धार्थ वाटिका की स्थिति दयनीय हो गई है। इसकी सुरक्षा करना सभी नागरिकों का नैतिक जिम्मेदारी है। जिसके लिए गांव के लोगों को जागरुक किया गया और लोगों ने इसकी सुरक्षा का जिम्मेदारी का बेड़ा भी उठाया है।