सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीजों का शोषण जारी है। कहीं दलाल दवा और जांच के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं तो कहीं स्वास्थ्यकर्मी। कुल मिलाकर यहां मरीजों पर हो रहे अत्याचार को रोकने में जिम्मेदार विफल है। क्योंकि इमरजेंसी वार्ड में इलाज के बदले रुपये लेने का मामला सामने आया है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज अपने करमाने को लेकर अकसर चर्चा में रहता है। कभी चिकित्सक जांच के नाम पर रुपये लेने को लेकर सवालों के घेरे में आए तो कभी इलाज में लापरवाही। रुपये के लेनदेन की घटनाएं यहां थमने का नाम नहीं ले रही है। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में किसी मरीज का इलाज कराने के लिए आई महिलाओं से एक व्यक्ति किसी कागजात पर हस्ताक्षर करवाता है। एक-एक करके दो महिलाएं हस्ताक्षर करती हैं। इसके बाद वह उनसे रुपये की डिमांड करता है तो एक महिला पर्स से 500 रुपये निकालकर दे रही है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रुपये लेने वाले को स्वास्थ्यकर्मी बताया जा रहा है। हालांकि वह मेडिकल कॉलेज की ड्रेस नहीं पहना हुआ है। वीडियो से यह प्रतीत हो रहा है कि पुराना और लगभग दो माह पहले का है। क्योंकि पंखा चल रहा है। और मरीज के साथ आए परिजन गरम कपड़े नहीं पहने हुए हैं। वीडियो मेडिकल कॉलेज के निशुल्क स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के दावे की पोल खोल रही है। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया है। लेकिन रुपये लेने वाला व्यक्ति हमारे यहां स्वास्थ्यकर्मी नहीं है। पता नहीं यह किसका वीडियो है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।