मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर मिलेगा तीन सौ बेड का अस्पताल
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज में पांच साल तक हर साल 100 मेडिकल छात्र-छात्राएं बढ़ेंगे। यह संख्या एमीबीएस (यूजी) की है, जबकि पीजी में प्रवेश शुरू होने पर मेडिकल छात्र-छात्राओं की संख्या और बढ़ जाएगी। इसके साथ फैकल्टी और रेजीडेंट डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ती जाएगी।
डॉक्टर व जूनियर डॉक्टर की संख्या बढ़ने से जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। मेडिकल कॉलेज में नीट परीक्षा के आधार पर एमबीबीएस की 100 सीटों पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। नीट का परिणाम आने के बाद काउंसिलिंग शुरू होगी तो मेडिकल कॉलेज में प्रवेश भी शुरू होगा। साढ़े चार साल के डिग्री कोर्स में प्रत्येक वर्ष 100 सीट पर प्रवेश होगा, जबकि एक साल की ट्रेनिंग में भी 100 मेडिकल छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ेगी।
डॉक्टरों के अनुसार, पांच साल बाद फैकल्टी की संख्या 125 हो जाएगी, जबकि रेजीडेंट डॉक्टर 130 के करीब होंगे। इस प्रकार जिले में डॉक्टरों की संख्या 750 से अधिक होने की संभावना है। फिलहाल में 49 मेडिकल फैकल्टी, 24 सीनियर रेजीडेंट और 50 जूनियर रेजीडेंट की नियुक्ति हो गई है, जबकि मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में 30 डॉक्टर हैं। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले में 123 डॉक्टर बढ़ गए हैं।