महिलाओं से अपराध करने वालों को दिलाएंगे सजा
सिद्धार्थनगर। महिलाओं से जुड़े अपराध में अब अफसर सजा दिलाने के लिए खुद आगे आएंगे। गंभीर मामलों की लिखा-पढ़ी के साथ ही पैरवी और गवाहों का बयान दिलाकर सजा दिलाएंगे। इसमें थानाध्यक्ष से लेकर एसपी तक सबसे गंभीर तीन-तीन मामले को देखेंगे। जिले 25 मामले चिह्नित करके उसमें पैरवी के साथ ही कार्रवाई कराएंगे। इसके पीछे यह उद्देश्य है कि जब अपराधियों को सजा मिलेगी तो महिलाओं के प्रति अपराध में कमी आएगी।
बढ़ते हुए आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस नित्य नया तरीका अपनाती है। बावजूद इसके अपराध में जिस औसत से कम आनी चाहिए, वह आ नहीं रहा है। अन्य अपराधों की तरह से महिलाओं से होने वाले अपराध में कमी नहीं आई है। इसमें कहीं न कहीं अपराध करने वालों को समय से सजा न मिलना या फिर ठीक से पैरवी न होने से उनका छूट जाना भी खास वजह है। गवाह का समय से बयान न हो पाने जैसी कई बाधाएं हैं, जो अपराध करने वाले के मनोबल को बढ़ाती हैं। मगर जिले की पुलिस अब महिला संबंधित ऐसे में मामले में खुद आगे आकर पैरवी करते हुए अपराधी को सजा दिलाने में जोर लगाएगी। इसके लिए महिला अपराध से जुड़े 25 मामले चिह्नित किए गए हैं।
इसमेें एसपी, एएसपी, सीओ और थानाध्यक्ष को तीन-तीन मामले केस की स्थिति क्या है, कितने दिन पुराने हैं, अब तक गवाहों का बयान हुआ है कि नहीं हुआ है इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। आरोपी को सजा मिलने में देरी क्यों हो रही है, उसकी भी जानकारी एकत्र करने के बाद जिम्मेदार खुद केस की मॉनिटरिंग करेंगे। गवाहों का बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें न्यायालय तक पहुंचाएंगे। इस संबंध में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि महिला अपराध से संबंधित 25 मामले चिह्नित किया गया है। ये वे मामले हैं, जिनमें गवाहों का बयान नहीं हुआ है। उसमें गवाह का बयान कराते हुए उसे सजा दिलाने का कार्य करेगी।
महिला संबंधित इन अपराधों पर नजर
पुलिस के इस अभियान के तहत दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, दहेज हत्या सहित महिला अपराध से संबंधित अन्य संगीन मामले शामिल हैं, जिनके केस स्टडी को देखते हुए जिम्मेदार लिखा-पढ़ी करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।