नहीं होगी ऑक्सीजन की किल्लत, एक और प्लांट तैयार
सिद्धार्थनगर। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए उससे लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। शनिवार को ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीन आ चुकी है। जिला अस्पताल में लगने वाले प्लांट की तैयारी अंतिम चरण में है। अभी चार ऑक्सीजन प्लांट का कार्य अंतिम चरण में है।
जनपद में अलग-अलग स्थानों पर 410 बेड के वार्ड बनाने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इन सरकारी अस्पतालों में पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन देने की कवायद अंतिम चरण में है।
तैयारियों के क्रम में जिला अस्पताल के पीछे बना एमसीएच विंग आइसोलेशन अस्पताल में तब्दील है। इसी अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से 100 बेड के वार्ड तैयार कर लिया गया है। यह बेड ऑक्सीजन प्लांट से जुड़ेंगे। जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं।
जबकि डुमरियागंज, मिठवल, बर्डपुर और इटवा के सीएचसी पर 50-50 बेड के पीआईसीयू वार्ड बनाने का काम अंतिम चरण में है। यह ऑक्सीजन प्लांट से सीधे तौर पर जुड़े होंगे, ताकि ऑक्सीजन की कमी न होने पाए। विभाग इन अस्पतालों में सामान्य बेड के अलावा वेंटिलेटर के बंदोबस्त कराने में जुट गया है। इसके अलावा सीएचसी-पीएचसी पर बनें पीकू, मिनी पीकू और ईटीसी (इंसेटिव केयर यूनिट) को भी एक्टिव रहने का दिशा-निर्देश दिया गया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप चौधरी तीसरी लहर से निपटने के लिए एमसीएच विंग के अलावा चार सीएचसी पर तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनकर तैयार हैं।
अस्पताल में हाईटेक सुविधाएं
जिला अस्पताल में 50-50 बेड के पीआईसीयू और आइसोलेशन वार्ड तैयार हैं। पीआईसीयू के लिए आरक्षित 50 बेड में 20 बेड वेंटिलेटर युक्त और 30 बेड एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) के होंगे। जबकि आइसोलेशन वार्ड में 50 बेड में 30 बेड एचडीयू तथा 20 बेड हाईटेक सुविधाओं से युक्त होंगे। ये सभी बेड आक्सीजन पूरित होंगे।
चिकित्सकों और कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
तीसरी लहर में बच्चों के वार्ड को संचालित करने के लिए 12 बालरोग विशेषज्ञ समेत 90 मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इन सभी को तीन शिफ्ट में दो दिवसीय ट्रेनिंग सीएमओ ऑफिस के अचल प्रशिक्षण केंद्र में दी जा चुकी है।