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अब किसानों को रकबे से अधिक नहीं मिलेगी खाद

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अब किसानों को रकबे से अधिक नहीं मिलेगी खाद
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सिद्धार्थनगर। किसानों को रकबे के हिसाब से यूरिया मिलेगी। वहीं दुकानदार अधिक दाम किसान से नहीं वसूल सकेंगे। पीओएस मशीन से ही खाद बेची जा सकेगी। गड़बड़ी और जमाखोरी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
शासन के निर्देश के बाद जिले के 14 ब्लॉक क्षेत्रों में 105 कर्मी सहकारी समिति और प्राइवेट दुकानों की निगरानी करेंगे। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों की खाद और बीज सही मिले और निर्धारित दर से अधिक न वसूल की जाए, उसके लिए व्यवस्था में कई बदलाव कर रही है। बावजूद इसके, जमाखोरी करके स्टाक कम दिखाकर किसानों से अधिक वसूली, निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री किए जाने सहित कई शिकायतें आ रही हैं।
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रोपाई के बाद मौजूदा समय में यूरिया की जरूरत है। ऐसे में जमाखोरी होने की आशंका अधिक है। साथ ही अधिक मूल्य बिक्री करने की शिकायतें बढ़ रही हैं। मामले को शासन ने संज्ञान में लिया है। प्रमुख सचिव ने जमाखोरी रोकने और अधिक दर पर उर्वरक बेचने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। शासन से पत्र आने के बाद कृषि विभाग की ओर से ब्लॉक स्तर पर कर्मी नियुक्त कर दिए गए हैं। वे क्षेत्रवार सहकारी समिति और प्राइवेट दुकानों की निगरानी करेंगे। गड़बड़ी पाए जाने पर रिपोर्ट देंगे। इसके बाद संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी चंदप्रकाश सिंह ने बताया कि उर्वरक की कालाबाजारी न हो और कोई दुकानदार अधिक दाम पर खाद न बेचें। इसके लिए ब्लॉकवार कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है, जो नियमित दुकानों निगरानी करेंगे।
किसानों को बताना होगा रकबा
उवर्रक खरीदने वाले किसान को रकबा बताना होगा। रकबे के आधार पर ही खाद मिलेगी। इसके पीछे शासन का मानना है कि अधिक मात्रा में खरीदकर कालाबाजारी हो सकती है। इससे बाजार में खाद की कमी हो जाएगी। मगर जब रकबे के हिसाब से खाद दी जाएगी तो उसकी कमी नहीं होगी।
किसानों मिलेगी पर्ची
खाद की बिक्री हर हाल में पीओएस मशीन से की जाएगी। साथ ही दुकानदार की ओर से किसान को खरीद की रसीद देनी होगी। रसीद पर मूल्य अंकित करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो किसान की शिकायत पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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सीमा क्षेत्र की दुकानों पर विशेष नजर
नामित कर्मचारी के लिए अन्य विभागीय जिम्मेदार भारत-नेपाल सीमा से लगने वाली दुकानों पर ध्यान देंगे। मौजूदा समय में खाद की तस्करी बढ़ी है। ऐसा न हो कि खाद तस्करी होने से किसानों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो। इस लिए बार्डर क्षेत्र की उर्वरक की दुकान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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