सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। परिषद ने राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का नामांकन बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है। जिले में अपेक्षा से कम प्रवेश होने पर संबंधित विद्यालयों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई भी की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जनपद में संचालित 200 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रवेश अभियान को औपचारिकता न मानकर मिशन मोड में चलाया जाए। प्रधानाचार्यों और प्रबंध समितियों से कहा गया है कि आसपास के गांवों में संपर्क अभियान चलाएं, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करें। अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करें और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रवेश सुनिश्चित करें। विभागीय जिम्मेदारों का मानना है कि माध्यमिक स्तर पर नामांकन बढ़ने से ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और अधिक से अधिक बच्चे बोर्ड परीक्षा तक पहुंच सकेंगे।
इसके लिए विद्यालयों को स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने, शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और छात्र-छात्राओं को विद्यालय से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि इस सत्र में अधिकतम छात्र-छात्राओं का नामांकन सुनिश्चित कर प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाया जाए। इसके लिए अंतिम चरण में प्रवेश अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसकी समीक्षा की जा रही है।