ककरहवा बार्डर से अब नेपाल जा सकेंगे दो पहिया और चार पहिया वाहन
नेपाल में प्रवेश के लिए दो वर्ष बाद शुरू हुआ भंसार
ककरहवा/ सिद्धार्थनगर। ककरहवा बार्डर से अब नेपाल में दो पहिया व चार पहिया वाहनाें का प्रवेश शुरू हो गया है। कोविड-19 को देखते हुए पिछले दो वर्ष से यह बार्डर वाहनों के लिए बंद था। नेपाल स्थित भंसार कार्यालय के खुलने के बाद बुधवार से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। अब ककरहवा के रास्ते दो पहिया व चार पहिया वाहन का सीमा प्रवेश शुल्क जमा कर चालक नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे। लेकिन, लुम्बिनी तक नि:शुल्क जाने के लिए बनने वाली पर्ची की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं होगी।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले दो वर्ष से नेपाल स्थित भंसार कार्यालय बंद था। इस रास्ते किसी भी प्रकार के वाहनों का नेपाल में प्रवेश वर्जित था। बीते 10 मई को सीमा को पैदल आवागमन के लिए खोल दिया गया था, लेकिन भंसार की सुविधा नहीं होने के कारण इस रास्ते दो पहिया व चार पहिया वाहनों का प्रवेश नेपाल में नहीं हो पा रहा था। इसका सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय पर्यटकों को हो रहा था। अब स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।
लुम्बिनी के लिए भी बनवानी पड़ेगी भंसार पर्ची
मोटरसाइकिल के लिए 150 रुपये व चार पहिया के लिए 500 नेपाली रुपये देने होंगे। लुम्बिनी तक जाने के लिए भी लोगों को भंसार पर्ची बनवानी पड़ेगी। इस संबंध में नेपाल के कस्टम इंस्पेक्टर भरत मणि पोखरेल ने बताया कि इस बार्डर से चार व दो पहिया वाहनों के लिए भंसार की सुविधा बहाल की गई है, लेकिन लुम्बिनी तक जाने के लिए प्रवेश सुविधा पर्ची नहीं बनाई जा रही है।