नेपाल की पुलिस ने सीमा पर भारतीय श्रद्धालुओं को रोका
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। कृष्णानगर के रास्ते प्रभुनाथ दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को रविवार को नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए सीमा पर रोक दिया। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारतीय मूल के लोगों को प्रवेश करने से मना कर दिया गया है।
नेपाली प्रशासन के अनुसार, नेपाल में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। लॉकडाउन लग सकता है। इस लिए भारतीय मूल के लोगों को रोका जा रहा है। बाइक से भी नेपाल में नहीं जाने दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में रविवार को लोगों को लौट जाना पड़ा।
भारत-नेपाल से सटे सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, महराजगंज के लोग सावन में नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र दांग जिले में स्थित प्रभुनाथ बाबा का दर्शन करने के लिए जाते हैं। रविवार को कई भारतीय नागरिक बढ़नी राजमार्ग से होते भारत-नेपाल की सीमा पर बढ़नी-कृष्णानगर लिंक के गेट पर पहुंचे। उनको नेपाल की पुलिस ने प्रवेश करने से रोक दिया। श्रद्धालुओं के पूछने पर बताया गया कि कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए उनको रोका गया है। पुलिस कर्मियों का कहना था कि जिम्मेदारों के आदेश का पालन कराया जा रहा है।
इस संबंध में नेपाल के सीसीएमसी के प्रवक्ता नूर हरि ने कहा नेपाल में कोविड-19 के संक्रमण की दर बढ़ रही है। उसे देखते हुए भारतीय नागरिकों को नेपाल जाने से रोका जा रहा है। एक सप्ताह पहले संक्रमित की संख्या लगभग 20 प्रतिशत थी। अब बढ़कर 25 प्रतिशत हो गई है। इसी को देखते हुए नेपाल में लॉकडाउन का आदेश हो सकता है। इस लिए भारतीय नागरिकों रोका गया है।
नेपाल के 22 जिले संक्रमण की जद में
प्रवक्ता के मुताबिक, नेपाल में 22 जिलों में संक्रमण की दर अधिक है। इसमें मोरंग, सप्तरी, सरलाही, परसा, सिंधुपलचौक, धाधिग, गोरखा, तनहू, नवल परासी, पूरब, नवल परासी पश्चिम, रूपनदेही, कास्की स्यान्जा, दांग, रोल्पा, सल्यान, बांके, बर्दिया, सुरखेत, दैलेख, कालिकोट, बझाग को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है।