मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग भर्ती में वंचित हुए कई बेरोजगार
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज की आउटसोर्सिंग नियुक्ति में दूसरी बार भी सैकड़ों स्थानीय बेरोजगार आवेदन से वंचित हो गए। अंतिम तिथि सात जनवरी तक करीब 375 पदों पर नियुक्ति में मौका पाने के लिए बेरोजगार भटकते रहे, लेकिन आवेदन नहीं कर पाए। साइट चंद समय के लिए खुली और लॉक हो गई। बताया जा रहा है कि सेवायोजन पोर्टल के वर्ष 2020 में नियम बनाया गया है। उसके तहत सभी आवेदकों को आवेदन का मौका नहीं मिल पाया। आशंका जताई जा रही है कि किसी हैकर की ओर से साइट को हैक किया गया था।
वर्ष 2020 में जारी अपर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश के अनुसार, अंतिम तिथि या अंतिम तिथि से पूर्व यदि अधिसूचित रिक्तियों के सापेक्ष एक कर्मी के लिए पोर्टल से पांच आवेदनकर्ताओं, दो या दो से अधिक कर्मियों की मांग पर तीन गुना आवेदकर्ताओं, न्यूनतम दस आवेदनकर्ता उपलब्ध हो जाते हैं तो आवेदन की प्रक्रिया स्वत: रुक जाएगी। आवेदक करने के इच्छुक युवा राजेश कुमार, सुशील कुमार, रितिका और चंद्र प्रकाश शुक्ला ने कहा कि बेरोजगारों की संख्या अधिक है।
इस शासनादेश में परिवर्तन करना चाहिए। वे पहले दिन से ही प्रयास कर रहे थे, लेकिन साइट लॉक हो गई थी। उनका आरोप है कि किसी हैकर ने साइट को हैक करके तीन गुना आवेदन कर दिया है। ऐसे में जिनकी नियुक्ति करानी है, वे ही आवेदक प्रस्तुत होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नियुक्ति में धांधली की जा रही है। जिला सेवायोजन अधिकारी मिथिलेश मिश्र ने बताया कि सेवा प्रदाना कंपनी ने पहली बार आवेदन कराया तो स्थानीय युवक आवेदन से वंचित रह गए थे। युवकों की शिकायत पर उन्होंने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी। दोबारा आवेदन में भी कई युवा वंचित रह गए।
इन पदों पर होनी है नियुक्ति
मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से होनी है। 375 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इनमें रेडियोलॉजी टेक्नीशियन, नर्सिंग, लाइब्रेरी टेक्नीशियन, रेडियोलॉजी टेक्नीशियन, मेडिकल सोशल वर्कर, फिजियोथैरेपी, फार्मासिस्ट, डायटीशियन, मल्टी परपज हेल्थ वर्कर, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर, मिनिस्ट्रियल एंड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट के पदों पर नियुक्ति होनी है।
पुलिस से करेंगे शिकायत : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति होनी थी। पोर्टल के नियम के अनुसार, पदों की संख्या पूूरी होने पर साइट लॉक हो जाती है। इस मामले में उन्होंने प्रमुख सचिव श्रम को पत्र लिखा है। साइट हैक होने की शिकायत आ रही है। पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर जांच कराई जाएगी।