लोहिया कला भवन में कार्यक्रम को प्रस्तुत करते किस्सेबाज दानिश हुसैन।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
दानिश हुसैन की किस्सेबाजी सुन गूंजा वाह-वाह
सिद्धार्थनगर। मशहूर किस्सेबाज दानिश हुसैन की जादूगरों एवं अय्यारों के बीच हुए संघर्ष की दास्तान सुन दर्शकदीर्घा वाह-वाह के शोर से गूंज उठा। कपिलवस्तु महोत्सव 2021 के तहत लोहिया कला भवन के सभागार में आयोजित दास्तानगोई-किस्सेबाजी का दर्शकों ने खूब आनंद लिया।
दशकों पुरानी उर्दू कहानियों की परंपरा को जीवित रखने वाले दानिश हुसैन ने एक महिला की कहानी से शुरूआत की। कहा कि अपने अंदर जो भी अच्छी बातें हो उसे लोगों को जरूर बताएं, क्योंकि बातें मन में रखने से नुकसान होता है। उन्होंने तिलस्म-ए-हश्रुबा की मशहूर किस्सेबाजी सुनाते हुए कहा कि मिर्जा हमीरजादा की तरफ से अय्यारों की फौज लड़ रही थी, जो सही और अच्छे लक्ष्य के प्रति समर्पित थी। दूसरी तरफ लोगों को सताने और लालची प्रवृति के जादूगरों की सेना थी।
दानिश हुसैन ने जादूगरी से ईजाद की गई दूसरी दुनिया में अय्यारी से होने वाले युद्ध की ऐसी चित्रण किया कि लोग किस्सेबाजी में खोए नजर आए। उन्होंने बताया कि इस विश्व प्रसिद्ध फंतासी कहानी दास्तान-ए-अमीर हमजा का 1883 से 1917 के बीच 47 संस्करण प्रकाशित हुए। इस दौरान डीएम दीपक मीणा, सीडीओ पुलकित गर्ग, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ओजस्वी राज व एसडीएम विकास कश्यप आदि मौजूद रहे।
तालियां बजाने की मनाही
मशहूर किस्सेबाज दानिश हुसैन ने कार्यक्रम की शुरूआत में ही कहा कि जिसकी बात पर तालियां बजाई जाती हैं, उसका मतलब उन्हें पसंद नहीं किया जा रहा। इसलिए अगर कहानी पसंद आए तो वाह-वाह कहें, ताली न बजाएं।